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रामपुर के बाद आजमगढ़ में भी समाजवादी किला ध्वस्त, भाजपा के निरहुआ ने चौंकाया, धमेंद्र यादव को 10 हजार से ज्‍यादा वोटों से मात देने की खबर

 
Lucknow : यूपी के आजमगढ़ और रामपुर में समाजवादी पार्टी का किला ढह गया है. आजमगढ़ लोकसभा उप चुनाव में भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने समाजवादी पार्टी उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव को मात देते हुए बड़ी जीत हासिल की है. खबर है कि निरहुआ ने धमेंद्र यादव को 10 हजार से ज्‍यादा वोटों से हराया है. जीत हासिल करने के बाद निरहुआ ने इसे जनता की जीत करार देते हुए ट्वीट किया- जनता की जीत! आजमगढ़वासियों आपने कमाल कर दिया है. यह आपकी जीत है. कहा कि उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही जिस तरीके से आप सबने भाजपा को प्यार, समर्थन और आशीर्वाद दिया, यह उसकी जीत है. यह जीत आपके भरोसे और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत को समर्पित है.

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गुड्‌डू जमाली ने समाजवादी पार्टी के माय समीकरण को ध्वस्त कर दिया

एक बात और कि इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार गुड्‌डू जमाली ने चौंका दिया. गुड्‌डू जमाली ने समाजवादी पार्टी के माय समीकरण को ध्वस्त कर दिया. 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो मुस्लिम-यादव समीकरण के कारण अखिलेश यादव लगभग 60 फीसदी वोट प्रतिशत पर अपना कब्जा जमा कर आजमगढ़ लोकसभा सीट हासिल करने में कामयाब रहे थे. भाजपा के निरहुआ को तब 35 फीसदी वोट ही मिले थे. उस चुनाव में अखिलेश यादव और मायावती का गठबंधन था. इसे भी पढ़ें : गुजरात">https://lagatar.in/gujarat-ats-produced-teesta-setalvad-in-metropolitan-court-said-not-cooperating-in-interrogation/">गुजरात

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भाजपा अपने वोट बैंक को बचाये रखने में कामयाब होती नजर आ रही है

अखिलेश के पक्ष में मायावती का वोट बैंक टर्नअप होता दिखा और इस हिसाब से उनकी जीत का अंतर काफी बड़ा था. जान लें कि आजमगढ़ में भाजपा अपने वोट बैंक को बचाये रखने में कामयाब होती नजर आ रही है, जबकि सपा और बसपा के बीच वोट बैंक बंटते रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अलग-अलग लड़ी थी तो वोट इसी प्रकार से बंट गये थे लोकसभा चुनाव 2014 में मुलायम सिंह यादव को भी 35.43 फीसदी वोट मिले थे. उस समय उनका मुकाबला कभी सपा के ही सांसद रहे रमाकांत यादव से था. रमाकांत तब भाजपा के टिकट पर दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे थे. वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में रमाकांत यादव 35.13 फीसदी फीसदी वोट लाकर जीत गये थे. 2014 के चुनाव में भाजपा के रमाकांत यादव ने 28.85 फीसदी और बसपा के गुड्‌डू जमाली ने 27.75 फीसदी वोट पाये थे. 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट नहीं बंटा तो आजमगढ़ में अखिलेश यादव ने 2 लाख 59 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. [wpse_comments_template]  
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