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बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप से बच्चों को फीवर
ऐसा देखा जाता है कि जो बच्चे स्कूल जाते हैं, शाम होते ही उन्हें हल्की बुखार आ जाती है. यह सभी लक्षण धूप लगने के कारण ही होते हैं. साथ ही इन दिनों वायरल भी चला है. अगर सर्दी- खांसी है तो हल्के बुखार देखे जाते हैं. ये लक्षण तपती धूप से लू लगने के होते हैं. https://youtu.be/vKEelC1jKtkबच्चों को पेय पदार्थ ज्यादा से ज्यादा पिलाएं, नहीं होने दे डिहाइड्रेशन की समस्या
वहीं इससे बचने के लिए डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया है कि बच्चों को पानी खूब पिलाएं. शरबत पिलाएं. क्योंकि पसीना निकलने से शरीर से नमक की मात्रा निकल जाती है. इससे डिहाइड्रेशन की समस्या होती है. ऐसे में बच्चों को ओआरएस का घोल बोतल में जरूर दें, जो बच्चों को धूप से बचायेगा और पानी की कमी नहीं होने देगा.alt="" width="1091" height="900" />
फीवर आने के लक्षण को नहीं समझें कोरोना
वहीं कोरोना संक्रमण को लेकर उन्होंने बताया की अगर एडल्ट में लक्षण ज्यादा नहीं हो रहे हैं, तो बच्चों में भी नहीं होने की संभावना है. वैसे जांच इस वक्त नहीं हो रही है. चिलचिलाती धूप और बढ़ती गर्मी के चलते ही यह लक्षण देखे जा रहे हैं. जब तक तापमान में कुछ गिरावट नहीं आएगी, तब तक बच्चों को संभल के रहने की जरूरत है.बच्चों को टोपी, हैंड ग्लव्स और ज्यादा से ज्यादा फुल कपड़े पहनाएं
वहीं बच्चों के माताओं ने बताया की चूंकि स्कूल काफी सालों बाद खुला है, तो बच्चों को स्कूल भेजना भी जरूरी है. लेकिन बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए हम अपने बच्चों को साथ में पेय पदार्थ बोतल में पर्याप्त मात्रा में दे देते हैं. बच्चों को फुल कपड़े, टोपी, चश्मा देकर स्कूल भेजते हैं, ताकि उसे धूप से बचाया जा सके. अगर बच्चों के पेट भरे रहेंगे तो लू लगने की शंका कम हो जाती है. इसे भी पढ़ें – कहां">https://lagatar.in/where-is-the-free-and-fair-bureaucracy-missing/">कहांगुम हो रही है स्वतंत्र और निष्पक्ष नौकरशाही ! [wpse_comments_template]

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