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हजारीबाग में शाम छह बजे के बाद बीमार मवेशी भगवान भरोसे

 
हजारीबाग मॉडल वेटनरी हॉस्पिटल में नहीं रहते डॉक्टर, न कोई कंपाउंडर  डॉक्टर के आवास की सुविधा नदारद, पीने के पानी की भी नहीं है व्यवस्था Pramod Upadhyay Hazaribagh : अगर आपके पास पालतू मवेशी है, तो मनाइए कि वह सुरक्षित रहे. कम से कम रात में उसे कुछ न हो. चूंकि शाम के छह बजे के बाद हजारीबाग में मवेशियों के इलाज की सुविधा मॉडल वेटनरी अस्पताल में नहीं है. शाम में न तो वहां डॉक्टर मिलेंगे और न ही कोई कर्मी. कल्लू चौक स्थित पशु चिकित्सा अस्पताल में शाम छह बजे के बाद सिर्फ एक नाइट गार्ड दिखाई देता है. पूरा अस्पताल उसी एकमात्र गार्ड के भरोसे रहता है. अस्पताल में कंपाउंडर की सीट भी खाली है. अस्पताल में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है.

प्रतिनियुक्त हैं तीन डॉक्टर, मगर शाम में नहीं रहते एक भी

इस अस्पताल में तीन पशु चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति है. लेकिन शाम के बाद कोई नहीं रहते. चूंकि वहां रहने की कोई व्यवस्था नहीं है. अस्पताल में एक नाइट गार्ड, एक सहायक कर्मी और एक प्यून मौजूद हैं. राजकीयकृत मॉडल औषधालय में मवेशियों के लिए दवाओं की भी कमी है. हजारीबाग">https://lagatar.in/category/jharkhand/north-chotanagpur-division/hazaribagh/">हजारीबाग

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आवास होता तो रात में देते ड्यूटी : डॉ. मुकेश

पशु चिकित्सालय के डॉ. मुकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि आवास होता तो रात में भी ड्यूटी देते. भवन जर्जर होने के कारण शाम के बाद अपने आवास पर चले जाते हैं. अस्पताल में पीने के लिए पानी भी खरीदना पड़ता है. [caption id="attachment_671767" align="alignleft" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/1-30-300x200.jpg"

alt="मॉडल पशु चिकित्सालय हजारीबाग" width="300" height="200" /> मॉडल पशु चिकित्सालय हजारीबाग[/caption]

मवेशियों के रूम में 3500 रुपए प्रतिमाह किराए पर रहते हैं नाइट गार्ड 

पदमा निवासी नाइट गार्ड बालेश्वर राम ने बताया कि जिस रूम में मवेशियों का इलाज किया जाता है, उसे किराए में लेकर वह परिवार समेत रहते हैं. इसके लिए प्रतिमाह 3500 रुपए किराया देते हैं. [wpse_comments_template]
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