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सुप्रीम कोर्ट के बाद NHRC की भी ईमेल में मोदी की तस्वीर पर आपत्ति, कहा, पता नहीं था कि हमारा हो रहा इस्तेमाल

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NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक मेल आईडी के फुटर में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का नारा इस्तेमाल किया जा रहा था. इस पर कोर्ट दवारा आपत्ति दर्ज कराये जाने और बाद में इसे हटा लिये जाने की खबर सुर्खियां बनी थी. इसी के कदमताल पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनएचआरसी के आधिकारिक मेल में पीएम मोदी और सबका साथ नारे की तस्वीर दिखाने को लेकर आपत्ति दर्ज करायी है. इसे भी पढ़ें : CAG">https://lagatar.in/cag-report-after-formation-of-modi-government-at-the-centre-agencies-of-gujarat-got-350-percent-more-amount/">CAG

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आयोग की स्वतंत्रता के बारे में लोगों की राय प्रभावित हो सकती है

कहा है कि यह आयोग की स्वतंत्रता के बारे में लोगों की राय प्रभावित कर सकता है. बता दें कि इसके पहले  सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक मेल आईडी में भी बिना अनुमति के इसका प्रयोग किया जा रहा था. इस क्रम में एनएचआरसी के उच्चाधिकारी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग इस मामले में अनजान था, क्योंकि केवल मेल प्राप्त करने वाले ही मोदी की तस्वीर और नारा देख सकते हैं. अधिकारी का कहना था कि हम इस बात से अनभिज्ञ थे कि हमारे मंच का इस्तेमाल नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर(इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत संचालित) द्वारा इस तरह के उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि, हमारी वेबसाइट और डिजिटल नेटवर्क एनआईसी द्वारा नियंत्रित होती है. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-30-september-firing-in-ranchi-bodaiya-naked-beaten-up-guards-minigun-factory-busted-navratri-this-year-only-8-days-including-other-news-videos/">सुबह

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वकीलों द्वारा आपत्ति जताने पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के संज्ञान में  बात आयी

इससे पहले गुरुवार, 22 सितंबर की देर शाम कुछ वकीलों द्वारा आपत्ति जताने पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के संज्ञान में यह बात आयी थी कि सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल में पीएम मोदी की फोटो और उनका चुनावी नारा शामिल किया जा रहा है, जिसका न्यायपालिका के कामकाज से कोई नाता नहीं है. इसके बाद शुक्रवार, 23 सितंबर को इसे हटाने के निर्देश जारी किए गए। आपत्ति जताये जाने पर ई-मेल से जुड़ी सुविधा उपलब्ध कराने वाले नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने  कहा था कि NIC के सभी प्लेटफॉर्म पर इस स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है, हालांकि शिकायत के बाद सुप्रीम कोर्ट के प्लेटफॉर्म से इसे हटाने के लिए कदम उठाये गये. NIC ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी हमने गांधी जयंती से जुड़ा एक संदेश इस तरह से इस्तेमाल किया था. जान लें कि  सुप्रीम कोर्ट अपने आधिकारिक ईमेल सुविधा का इस्तेमाल वकीलों को सूचना देने और नोटिस देने जैसे कामों के लिए करती है. एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने पीएम मोदी की फोटो और नारे पर आपत्ति दर्ज करायी थी. इसे भी पढ़ें : कन्हैया">https://lagatar.in/what-will-congress-get-kanhaiya/">कन्हैया

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