Ranchi: सरकार ने 2016 में उद्योगों के लिए 1523 एकड़ जमीन चतरा जिले में चिह्नित की थी. पहले इसे स्टील प्लांट के लिए चिह्नित किया गया था. बाद में इस जमीन पर Solar Park लगाने का फैसला किया गया. 2016 में चतरा जिला ने इसे उद्योग विभाग के हस्तांतरित करने के लिए उपयुक्त बताया था. लेकिन 2026 में इस जमीन के अधिसूचित वन भूमि होने की जानकारी दी गयी. इस तरह 10 साल की प्रशासनिक कवायद के बाद ना तो चतरा में स्टील प्लांट लगा ना ही सोलर पार्क बना.
अक्टूबर 2016 में रांची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (RIADA) ने चतरा के उपायुक्त को एक पत्र लिखा. इसमें कहा गया कि मई 2016 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भेड़ प्रजनन क्षेत्र की जमीन स्टील प्लांट की स्थापना के लिए उपयुक्त पायी गयी है. उद्योग विभाग के सलाहकार (Consultant) द्वारा किये गये सर्वे में भी पशुपालन विभाग की 1595.88 एकड़ में से 1523.38 एकड़ जमीन स्टील प्लांट के लिए उपयुक्त पाया गया है. इन तथ्यों के मद्देनजर इस जमीन को रियाडा को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया.
रियाडा का पत्र मिलने के बाद नवंबर 2016 में उपायुक्त की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की इस जमीन को रियाडा को हस्तांतरित करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए बैठक हुई. इसमें महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, परियोजना पदाधिकारी भेड़ प्रजनन क्षेत्र, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और अपर समाहर्ता शामिल हुए.
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुए विचार विमर्श के बाद पशुपालन विभाग की 1523.38 एकड़ जमीन रियाडा को हस्तांतरित करने की अनुशंसा कर दी गयी. चतरा के तत्कालीन उपायुक्त ने 11 नवंबर 2016 को ही उद्योग निदेशक को पत्र लिखकर जमीन हस्तांतरित करने की अनुशंसा के बैठक की कार्यवाही भेजी. इसके बाद जमीन हस्तांतरण का यह मामला ठंडा पड़ा रहा.
वर्ष 2022 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुई. इसमें पशुपालन विभाग की जमीन को स्टील प्लांट के बदले सोलर पार्क के लिए उपयुक्त बताया गया. 2022 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद अप्रैल 2026 में Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) ने चतरा के उपायुक्त को पत्र लिखा. इसमें कहा गया कि जुलाई 2022 को झारखंड सौर ऊर्जा नीति अधिसूचित की जा चुकी है. इसमें अगले पांच साल के दौरान 4000 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य है. सोलर पार्क की स्थापना एक महत्वपूर्ण योजना है. इसलिए चतरा स्थित भेड़ प्रजनन क्षेत्र की 1523.38 एकड़ जमीन ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित करने की आवश्यक कार्रवाई करें.
JREDA का पत्र मिलने के बाद चतरा के वर्तमान उपायुक्त ने जुलाई 2026 में झारखंड औद्योगिक विकास प्राधिकार (JIADA) के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा. इसमें यह कहा गया कि भेड़ प्रजनन क्षेत्र की 1523.38 एकड़ (जंगल झाड़ी) जमीन पशुपालन विभाग की अनुमति की प्रत्याशी में उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की अनुशंसा की गयी थी.
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने पत्र लिखकर यह सूचित किया है कि हस्तांतरित करने के लिए चिह्नित 1523.38 एकड़ जमीन अधिसूचित वनभूमि है. इसका इस्तेमाल गैर वानिकी कार्य के लिए नहीं किया जा सकता है. इस भेड़ प्रजनन क्षेत्र के लिए हस्तांतरित किया गया था. इसपर बगैर अनुमति के गैर वानिकी कार्य करना वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम 1980 का उल्लंघन होगा. यानी 10 साल की कवायद के बाद चतरा में ना तो स्टील प्लांट लगा ना ही सोलर पार्क बना.
एक ही जमीन पहले उपयुक्त, बाद में अधिसूचित वनभूमि
| अंचल | मौजा | थाना नंबर | रकबा | किस्म (रकबा एकड़ में) |
| चतरा | लक्ष्मणपुर | 130 | 454.30 | जंगल झाड़ी |
| गिद्धौर | कुरकुटा | 17 | 208.90 | जंगल झाड़ी |
| गिद्धौर | बरीसाखी | 14 | 376.29 | जंगल झाड़ी |
| कान्हाचट्टी | खीरगड़ा | 126 | 483.89 | जंगल झाड़ी |
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