Lagatar Desk: अमेरिका में मिड टर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करारी हार के बाद अब इजरायल में नेतन्याहू की सत्ता संकट में आती दिख रही है. नेतन्याहू को सिर्फ 46 सांसदों का समर्थन मिला है. जबकि विपक्षी ब्लॉक गादी आइजेनकोट को 67 सांसदों का. नौ नवंबर को इजरायल की संसद बैठक करेगी.
संसद की बैठक में राष्ट्रपति आइजक हेर्जोग यह फैसला करेंगे कि प्रधानमंत्री कौन होगा. इससे पहले उन्होंने चुनाव लड़ने वाली पार्टियों से बातचीत कर ली है. बातचीत के बाद मीडिया में खबर है कि विपक्षी ब्लॉक गादी आइजोनकोट को 67 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जबकि नेतन्याहू को सिर्फ 46 का.
उल्लेखनीय है कि 27 अक्टूबर को इजरायल में आम चुनाव हुए थे. चुनाव से पहले नेतन्याहू और सेना के बीच विवाद की खबरें आयीं थी. नेतन्याहू चाहते थे कि चुनाव के ठीक पहले सेना ईरान पर हमला करे, ताकि वह मतदाताओं के बीच राष्ट्रवाद का नारा बुलंद कर सकें. हालांकि सेना ने उनकी बात मानने से इंकार करते हुए कहा था कि अभी ईरान पर हमले की जरुरत नहीं है.
चुनाव के दौरान नेतन्याहू विपक्षी नेताओं पर देशद्रोही होने का आरोप भी लगाते रहें. ठीक उसी तरह जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विपक्ष को देशद्रोही बताते रहे थे. लेकिन इस बार दोनों के लिए यह तिकरम फ़ायदेमंद नहीं रहा.
नेतन्याहू पर दुनिया भर में आरोप हैं. कई देशों ने उन्हें युद्ध अपराधी घोषित कर रखा है. ऐसे समय नेतन्याहू अगर सत्ता से बाहर होते हैं तो ना सिर्फ उनके अपने देश में, बल्कि दूसरे देशों में भी उनके लिए खतरे का माहौल रहेगा.