अपनों से मिलने का अवसर मिलता है
आदिवासियों की संस्कृति को संरक्षित करने के लिए सदियों से यहां जतरा मेला का आयोजन होता आ रहा है. इसमें शादी के लायक हो चुके युवक- युवतियों को एक- दूसरे को पसंद करने की मान्यता है. यहां के जतरा मेला की कई विशेषताएं हैं. एक तरफ जहां लोग उत्सव मनाते हैं, वहीं लोगों को इस महोत्सव के बहाने अपनों से मिलने का अवसर मिलता है. इसे भी पढ़ें – हजारीबाग">https://lagatar.in/there-was-a-fierce-fight-in-the-nursing-home-the-managers-head-was-torn/">हजारीबाग: नर्सिंग होम में जमकर हुई मारपीट, मैनेजर का फटा सिर [wpse_comments_template]

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