Guwahati : असम विधानसभा में आज विपक्ष के हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास हो गया. उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम UCC विधेयक पारित करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है.
Assam Assembly passes Uniform Civil Code Bill even as opposition demands it be sent to select committee. pic.twitter.com/Ei5GBQkpNb
— Press Trust of India (@PTI_News) May 27, 2026
इस कानून पर नजर डालें तो अब असम में बहुविवाह (पॉलीगैमी) और लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर रोक लग जायेगी. लिव-इन रिलेशनशिप में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा.
VIDEO | Guwahati: As Assam Assembly passes the UCC Bill, AIUDF leader Mazibur Rahman says, "They have got the strength in the Assembly and they have passed the Bill. However, we have opposed it. The Bill has already been passed in the Assembly, so we have only a single option to… pic.twitter.com/AbSlr95Z3t
— Press Trust of India (@PTI_News) May 27, 2026
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह उनकी सरकार की महिलाओं के सम्मान के प्रति बड़ी श्रद्धांजल है. सदन में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता.
असम में पारित UCC विधेयक शादी, तलाक और संपत्ति के उत्तराधिकार आदि संवेदनशील पारिवारिक मामलों में धर्म से परे एक समान कानून की वकालत करता है. अब राज्य में बहुविवाह पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है.
यदि किसी ने इसका उल्लंघन किया,तो उसे सात साल तक की सजा मिल सकती है. लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण नहीं कराया, तो तीन महीने तक की जेल हो सकती है.
अहम बात यह है कि हिमंता सरकार ने अनुसूचित जनजातियों (ST) को इस कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है. असम में UCC विधेयक पारित कराया जाना कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने नागवार गुजरा है.
दोनों दलों ने इस विधेयक को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है. आरोप लदाया कि इसे राजनीतिक लाभ के लिए पारित कराया गया है.
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