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गेहूं के बाद केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर लगायी रोक, 1 जून से निर्णय प्रभावी

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LagatarDesk :   गेहूं के बाद सरकार ने चीनी के निर्यात पर रोक लगा दिया. यह पांबदी 1 जून से अगले आदेश तक जारी रहेगी. देश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने शुक्रवार देर रात एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सरकार के इस फैसले को साझा किया. केंद्र सरकार ने महंगाई को काबू में करने के लिए यह फैसला लिया है. हालांकि सरकार ने कहा है कि इस साल के चीनी सीजन यानी 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान घरेलू उपलब्धता और मूल्य में स्थिरता बनाये रखने के लिए 100 एलएमटी (लाख मीट्रिक टन) तक चीनी का निर्यात किया जा सकता है. (पढ़े,">https://lagatar.in/famous-author-robert-kiyosaki-warns-of-global-financial-crisis-advises-to-save-6-things/">पढ़े,

मशहूर लेखक Robert Kiyosaki ने वैश्विक वित्तीय संकट की दी चेतावनी, 6 चीजों को बचाने की दी सलाह)

यूरोपीय संघ और अमेरिका में निर्यात पर रोक नहीं

गेहूं का निर्यात अब प्रतिबंधित सामानों की कैटेगरी में डाल दिया गया है. इसकी बड़ी वजह इंटरनेशनल मार्केट में चीनी के दाम बेहताशा बढ़ जाना है. ताकि कीमतों में काबू पाया जा सके. हालांकि यह प्रतिबंध सीएक्सएल और टीआरक्यू के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिका को निर्यात की जा रही चीनी पर लागू नहीं होंगे. इन क्षेत्रों में निश्चित मात्रा में चीनी का निर्यात किया जा सकता है.

चीनी की बढ़ती कीमत को रोकने के लिए सरकार ने लिया फैसला

सरकार का कहना है कि चीनी की बढ़ती कीमत को रोकने और देश में इसकी सुचारू सप्लाई जारी रखने के लिए यह फैसला लिया गया है. सरकार के फैसले के बाद चीनी मिलों और निर्यातकों को एक जून के बाद निर्यात के लिए सरकार से एक्सपोर्ट रिलीज ऑर्डर के रूप में विशेष मंजूरी लेनी होगी. इसे भी पढ़े : टेरर">https://lagatar.in/yasin-malik-may-be-sentenced-today-in-terror-funding-case-likely-to-get-death-penalty-or-life-imprisonment/">टेरर

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भारत में हर साल चीनी के निर्यात में हुई बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने सितंबर को समाप्त होने वाले चालू विपणन वर्ष में 18 मई तक 75 लाख टन चीनी का निर्यात किया है. वित्त वर्ष 2020-21 में 70 लाख टन चीनी निर्यात की गयी थी. जबकि विपणन वर्ष 2017-18 में 6.2 लाख टन, 2018-19 में 38 लाख टन और 2019-20 में कुल 59.60 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया था.

भारत है दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर

भारत दुनिया में चीनी का सबसे उत्पादक देश है. वहीं ब्राजील सबसे बड़ा एक्सपोर्टर देश है, उसके बाद भारत का नंबर आता है. दरअसल अक्टूबर 2021 से लेकर अप्रैल 2022 के बीच भारत ने 71 लाख टन चीनी का एक्सपोर्ट किया है, जो कि 64 फीसदी ज्यादा है. मई महीने में 8 से 10 लाख टन चीनी एक्सपोर्ट किए जाने की संभावना है. 2021-22 में 90 लाख चीनी एक्सपोर्ट किए जाने के आसार हैं. जबकि इससे पहले वर्ष में करीब 72 लाख टन चीनी का एक्सपोर्ट किया गया था.

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देश में कुल चीनी उत्पादन का 80 फीसदी हिस्सा तीन राज्यों से

भारत से सबसे ज्यादा चीनी खरीदने वालों देशों में इंडोनेशिया, अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और अफ्रीकी देश हैं. अगर उत्पादन की बात करें तो उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक की देश में कुल चीनी उत्पादन में करीब 80 फीसदी की हिस्सेदारी है. इसके अलावा गन्ना उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार, हरियाणा और पंजाब भी शामिल हैं. इसे भी पढ़े : अमेरिका">https://lagatar.in/america-indiscriminate-firing-at-rob-elementary-school-18-children-and-3-teachers-killed/">अमेरिका

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