अमन श्रीवास्तव की मां ने हाईकोर्ट से लगाई गुहार, बेटे को दी जाए सुरक्षा
2019 में दर्ज करवाई गई थी प्राथमिकी
उल्लेखनीय है कि हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या गोली मार कर की गयी थी. पुलिस के मुताबिक, दोनों व्यवसायी बैग में मोटी रकम लेकर लोकेश को पहुंचाने गये थे. लेकिन लोकेश और एमके सिंह ने पहले से रुपये हड़पने की योजना तैयार कर रखी थी. योजना के तहत ही एमके सिंह ने लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी के साथ खुद को आइबी का अधिकारी बताते हुए लोकेश चौधरी के ऑफिस में रेड की और दोनों व्यवसायियों के रुपये को जब्त कर लिया. इस संबंध में अरगोड़ा थाना में 7 मार्च 2019 को प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी. पुलिस ने लोकेश चौधरी को गुनहगार साबित करने के लिए 19 गवाह कोर्ट में प्रस्तुत किए, जबकि लोकेश चौधरी ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए एक भी गवाह प्रस्तुत नहीं किया. हालांकि इस केस का प्रमुख अभियुक्त एम के सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. इसे भी पढ़ें -रांची">https://lagatar.in/ranchi-cinema-hall-employee-dies-in-suspicious-condition-police-engaged-in-investigation/">रांची: सिनेमा हॉल के कर्मचारी की संदेहास्पद स्थिति में मौत, जांच में जुटी पुलिस [wpse_comments_template]
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