Ranchi : शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन में JMM विधायक समीर कुमार मोहंती ने अल्प सूचित प्रश्न के द्वारा कृषि विभाग से पूछा है कि क्या राज्य में बहुतायत में गरमा धान की खेती की जाती है. जिस पर कृषी मंत्री बादल पत्रलेख ने जवाब देते हुए कहा कि गरमा धान की खेती बहुतायत मात्रा में नहीं की जाती है. राज्य में खरीफ में धान की खेती लगभग 17.5 लाख हेक्टेयर होती है. उत्पादन लगभग 51 टन होता है. जबकि गरमा धान की खेती 15000 हेक्टेयर की जाती है, जो खरीफ के लगभग 0 .9 प्रतिशत है. जिसका उत्पादन 37500 होता है. इसे भी पढ़ें - शीतकालीन">https://lagatar.in/winter-session-bjp-raises-slogans-of-cm-hemant-soren-murdabad-regarding-jpsc-issue-house-adjourned-till-1230/">शीतकालीन
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केंद्र सरकार की वेबसाइट पर गरमा धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं है
इस पर समीर कुमार मोहंती ने पूछा कि MSP पर गरमा घान नहीं खरीदे जाने के कारण किसानों को बाजार में ओने पोने दाम पर बेचना पड़ता है. विभागीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की वेबसाइट पर खरीफ मौसम 2021- 22 के लिए निर्धारित एमएसपी संबंधी सूचना में गरमा धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं है. इसे भी पढ़ें -बीजेपी">https://lagatar.in/bjp-and-ajsu-mlas-protest-outside-the-house-demanding-obc-reservation-cancellation-of-jpsc-exam/">बीजेपीऔर आजसू विधायकों ने सदन के बाहर दिया धरना, OBC आरक्षण, JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग की [wpse_comments_template]
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