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AIMS ने हाईकोर्ट में दिया एफिडेविट, देवघर एम्स को लेकर सरकार का रवैया उदासीन

 
Ranchi :  देवघर में नवनिर्मित एम्स में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराये जाने की मांग को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में आज बुधवार को सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान एम्स के निदेशक ने एफिडेविट दिया. एम्स द्वारा दिये गये इस एफिडेविट से यह बात सामने आयी कि एम्स में बुनियादी सुविधाओं के लिए कई बार राज्य सरकार से आग्रह किया गया, लेकिन सरकार उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है. (पढ़ें, BREAKING:">https://lagatar.in/breaking-rahul-gandhi-will-have-to-appear-in-ranchi-court-in-modi-surname-case-plea-for-exemption-from-personal-appearance-rejected/">BREAKING:

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सरकार ने कोर्ट से एक सप्ताह का मांगा समय 

दरअसल देवघर एम्स बनने के बाद वहां कई तरह की बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है. जिसमें इलेक्ट्रिक सबस्टेशन, अप्रोचिंग रोड, रेलवे ओवर ब्रिज शामिल हैं. वहीं देवघर एम्स में केंद्रीय विद्यालय का भी निर्माण किया जाना है. सुनवाई के दौरान जब अदालत ने राज्य सरकार से पूछा तो सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा. इसलिए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई  1 सप्ताह बाद 11 मई को मुकर्रर की है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-enrollment-process-begins-for-1078-seats-in-five-excellent-schools/">रांची

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