Ranchi News: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध और मताधिकार से जुड़े सवालों को लेकर आइसा के आह्वान पर बुधवार को सैनिक मार्केट से अल्बर्ट एक्का चौक तक नागरिक मार्च निकाला गया. मार्च में SIR को रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई गई.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि SIR का महिला, मजदूर, अल्पसंख्यक, आदिवासी और दलित समुदायों के मताधिकार पर संभावित प्रभाव गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया को पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाए रखने की मांग की.
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की किसी भी प्रक्रिया में नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. SIR को लेकर सामने आ रही आशंकाओं का समाधान पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए. लोकतंत्र में नागरिकों की आवाज और उनके वोट के अधिकार की रक्षा जरूरी है.
आइसा रांची जिला सचिव संजना मेहता ने कहा कि महिलाओं, मजदूरों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और दलितों के मताधिकार से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध और असहमति के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए.
मार्च में सौरभ बेदिया, निखिल राज, मजहर, सुफियान, राकेश बड़ाइक, फरदीन खान, निशा केवट, आकाश रंजन, जफर अंसारी, सृष्टि, नौरीन अख्तर और हरीश समेत आइसा, भाकपा माले, जनाधिकार महासभा के कार्यकर्ता तथा दर्जनों आम नागरिक शामिल रहे.
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