Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

ऐश्वर्या राय से ईडी ने साढ़े पांच घंटे तक की पूछताछ

Advertisement
Advertisement
New Delhi : अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन 2016 के पनामा पेपर्स लीक से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं. ईडी द्वारा अभिनेता अमिताभ बच्चन की 48 वर्षीय पुत्रवधू से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत करीब 5 घंटे से ज्यादा वक्त तक पूछताछ हुई. अभिनेत्री जब इंडिया गेट के पास स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुईं, तो उन्होंने एजेंसी को कुछ दस्तावेज भी सौंपे. ऐश्वर्या राय बच्चन को दो बार पहले भी बुलाया गया था, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने नोटिस को स्थगित करने की गुजारिश की थी. ये गुजारिश पनामा पेपर्स लीक की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के समक्ष की गई थी.

विदेशों में पैसा जमा करने का आरोप

मामला वर्ष 2016 में वाशिंगटन स्थित इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) द्वारा पनामा की कानूनी फर्म मोसैक फोंसेका के रिकॉर्ड की जांच से जुड़ा है, जिसे `पनामा पेपर्स` नाम से जाना जाता है. इसमें विश्व के कई नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम सामने आये थे, जिन्होंने कथित तौर पर देश से बाहर की कंपनियों में विदेशों में पैसा जमा किया था. इनमें से कुछ के बारे में कहा गया है कि उनके पास वैध विदेशी खाते हैं. इस खुलासे में कर चोरी के मामलों को सामने लाया गया था.

ईडी 2016-17 से मामले की जांच कर रहा है

इस मामले में भारत से संबंधित कुल 426 मामले थे. ईडी 2016-17 से बच्चन परिवार से जुड़े मामले की जांच कर रहा है. इसने बच्चन परिवार को नोटिस जारी कर उन्हें 2004 से भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना  के तहत और फेमा के तहत विनियमित अपने विदेशी प्रेषण की व्याख्या करने को कहा था. बच्चन परिवार ने उस समय एजेंसी को कुछ दस्तावेज सौंपे थे.

एक विदेशी कंपनी से जुड़ी थी ऐश्वर्या

सूत्रों ने कहा कि परिवार से जुड़ी कथित अनियमितताओं के कुछ अन्य मामले भी संघीय जांच एजेंसी की जांच के दायरे में हैं. अमिताभ बच्चन के अभिनेता बेटे अभिषेक की पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन के बारे में आईसीआईजे ने कहा था कि अभिनेत्री ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) में 2005 में बनी एक विदेशी कंपनी से जुड़ी हैं. अभिनेत्री के परिवार को भी इस विदेशी कंपनी का हिस्सा बताया गया था, जिसकी 50,000 डॉलर की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी थी. कंपनी कथित तौर पर 2008 में भंग कर दी गयी थी.

अभिषेक बच्चन से भी पूर्व में पूछताछ हो चुकी है

सूत्रों ने कहा कि अभिषेक बच्चन से भी पूर्व में प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में ईडी द्वारा पूछताछ की जा चुकी है. सरकार ने पनामा पेपर्स और इसी तरह के वैश्विक कर लीक मामलों की जांच की निगरानी के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष के अधीन केंद्रीय जांच एजेंसियों का एक बहु-एजेंसी समूह (MAG) बनाया था, जिसमें ED, भारतीय रिजर्व बैंक और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) के अधिकारी भी शामिल हैं. इसने हाल ही में कहा था कि एक अक्टूबर, 2021 तक पनामा और पैराडाइज पेपर लीक में मामले में भारत से जुड़ी 930 हस्तियों-संस्थाओं के संबंध में कुल 20,353 करोड़ रुपये के अघोषित क्रेडिट का पता चला है.

क्या है पनामा पेपर लीक मामला

पनामा पेपर लीक मामले में एक कंपनी  के लीगल दस्तावेज लीक हुए थे. ये डेटा जर्मन न्यूजपेपर  ने Panama Papers नाम से 3 अप्रैल 2016 को रिलीज किया था. इसमें भारत समेत 200 देशों के राजनेता, बिजनेसमैन, सिलेब्रिटी के नाम शामिल थे, जिनपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. इसमें 1977 से 2015 के अंत तक की जानकारी दी गई थी.

लिस्ट में 300 भारतीयों के नाम शामिल

देश के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे, भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, मोस्ट वान्टेड क्रिमिनिल इकबाल मिर्ची का नाम भी इसमें शामिल था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था. फिर केंद्र सरकार ने इस मामले में मल्टी एजेंसी ग्रुप का गठन किया था. इनमें CBDT, RBI, ED और FIU को शामिल किया गया था. MAG सभी नामों की जांच करके रिपोर्ट काले धन के जांच के लिए बनी SIT और केंद्र सरकार को दे रही थी. इसे भी पढ़ें – बीजेपी">https://lagatar.in/nepotism-happened-in-jpsc-during-the-time-of-bjp-many-relatives-of-nda-leaders-became-officers-names-are-in-public-domain-sudivya/">बीजेपी

के समय JPSC में हुआ भाई भतीजावाद, NDA नेताओं के कई रिश्तेदार बने अधिकारी, पब्लिक डोमेन में हैं नाम- सुदिव्य
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही