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अभिषेक बच्चन को सवा लाख पाउंड दे फंसी ऐश्वर्या राय, फिर पूछताछ संभव

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New Delhi : फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को 5.30 घंटे से ज्यादा पूछताछ की. इस दौरान निदेशालय जानना चाहता था कि साल 2012 में उन्होंने अपने पति अभिषेक बच्चन को लाखों पाउंड की जो रकम भेजी थी, उसका सोर्स क्या था? साथ ही ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड स्थित एक कंपनी में निदेशक रहने को लेकर सवाल भी पूछे गये. दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय में पूछताछ के बाद जब वो निकली, तो उनके चेहरे पर कुछ तनाव भी था. तनाव शायद इसलिए कि ऐश्वर्या राय बच्चन को ईडी ने इसके पहले दो बार पूछताछ के लिए सम्मन जारी किया था, लेकिन दोनों ही बार ऐश्वर्या राय बच्चन प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं हुई.

फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है

ईडी सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी जानना चाहते थे कि मार्च 2012 में उन्होंने अपने पति अभिषेक बच्चन को सवा लाख पाउंड की जो रकम दी थी उस पैसे का स्रोत क्या था? साथ ही क्या उन्होंने इस पैसे को देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की परमिशन ली थी या नहीं? ईडी ऐश्वर्या राय बच्चन के दिये गये बयानों का आकलन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

अमिताभ बच्चन पर भी आरोप लगाये गये थे

मामला साल 2016-17 की पनामा पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ है जिसमें ऐश्वर्या राय बच्चन के अलावा उनके ससुर और मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन पर भी आरोप लगाये गये थे. ईडी सूत्रों के मुताबिक, ऐश्वर्या राय बच्चन को तीसरा नोटिस 20 दिसंबर को पेश होने के लिए दिया गया था, जिसके तहत उन्हें सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच ईडी कार्यालय में पेश होना था. पनामा पेपर लीक का मामला केवल ऐश्वर्या राय बच्चन तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके आरोप के तार उनके ससुर और मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ अमिताभ बच्चन तक पहुंचे हैं. साल 2016-17 पनामा पेपर लीक केस जो दस्तावेज सामने आये थे , उन दस्तावेजों में अमिताभ बच्चन और ऐश्रवर्या राय बच्चन पर कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है और इसी रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने फेमा के तहत जांच शुरू की थी.

2 लाख 34 हजार डॉलर लेकर विदेश गये थे अमिताभ

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की जो गोपनीय रिपोर्ट ईडी को मिली उसके मुताबिक दस्तावेज बताते हैं कि अमिताभ बच्चन साल 2007 से लेकर 2014-15 तक अच्छी खासी रकम लेकर विदेश गये. नियम के मुताबिक, साल 2013 के पहले साल में लोग दो लाख डालर से ज्यादा की रकम लेकर विदेश नहीं जा सकते थे,  लेकिन रिपोर्ट कहती है कि अमिताभ बच्चन लगातार इस नियम का उल्लघंन करते रहे. दस्तावेजों में लगाये गये आरोपों के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने इस दौरान अनेक देशों की यात्रा की और कुछ कंपनियों में पैसा भी लगाया. साल 2013 के बाद विदेश ले जाने वाली रकम दो लाख से घटा कर 75 हजार डॉलर कर दी गई. दस्तावेज कहते हैं कि इसके वावजूद अमिताभ बच्चन साल 2014-15  में 2 लाख 34 हजार डॉलर से ज्यादा की रकम लेकर विदेश गये.

कंपनी की निदेशक ऐश्वर्या राय थीं

पनामा पेपर्स लीक के मुताबिक, ऐश्वर्या राय बच्चन पर जिस कंपनी का निदेशक होने का आरोप लगाया जा रहा है, एमिक पार्टनर्स 2004 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत कंपनी थी. लॉ फर्म मोसैक फोंसेका ने कंपनी को पंजीकृत किया. इस कंपनी की निदेशक ऐश्वर्या राय, उनकी मां कविता राय और उनके भाई आदित्य राय थे. आरोप के मुताबिक, कंपनी के पास $50000 की पूंजी थी और उसके प्रत्येक निदेशक के पास बड़ी संख्या में शेयर थे. आरोप के मुताबिक, जून 2005 में ऐश्वर्या राय का स्टेटस बदलकर शेयर होल्डर कर दिया गया. अभिषेक बच्चन से शादी के एक साल बाद फर्म को बंद करने का सिलसिला शुरू हो गया. सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी जानना चाहते थे कि इस कंपनी को शुरू करने के लिए पैसा कहां से आया यह पैसा किसने दिया था और साल 2005 ऐश्वर्या राय बच्चन का स्टेटस निदेशक से बदलकर शेयर होल्डर क्यों किया गया? उन्हें इसके क्या फायदे हुए क्या इसके लिए कानूनी परमिशन ली गयी थी? इसे भी पढ़ें – ऐश्वर्या">https://lagatar.in/aishwarya-rai-questioned-by-ed-for-more-than-5-hours/">ऐश्वर्या

राय से ईडी ने साढ़े पांच घंटे तक की पूछताछ
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