Ranchi : रांची विश्वविद्यालय में सत्र में लगातार देरी और परीक्षा परिणाम लंबित रहने को लेकर छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है. आजसू (AJSU) छात्र संघ और एनएसयूआई (NSUI) ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है.
प्रेस वार्ता में आजसू नेता बबलू महतो ने कहा कि ग्रेजुएशन 3-4 वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए. लेकिन अब इसको पूरा होने में 6 से 7 साल लग जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र 2 से 3 वर्ष पीछे चल रहा है, जिससे खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
प्लेसमेंट व परीक्षाओं पर संकट, छात्रों ने रखीं समस्याएं
- - वोकेशनल कोर्स के छात्रों को प्लेसमेंट में दिक्कत हो रही है, क्योंकि सत्र लेट होने से कंपनियां उन्हें मौका नहीं दे रही है.
- - बीएड (B.Ed) के छात्र समय पर रिजल्ट नहीं आने के कारण JTET परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित हो सकते हैं.
- - विश्वविद्यालय में कोई स्पष्ट एकेडमिक कैलेंडर नहीं है.
विरोधी संगठन एक मंच पर
आमतौर पर अलग-अलग विचारधारा रखने वाले AJSU और NSUI इस मुद्दे पर एकजुट दिखे. छात्र नेताओं ने कहा कि उनका मकसद केवल छात्रों का हित है और वे इस लड़ाई को राजनीति से ऊपर उठकर लड़ेंगे.
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 4 से 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो रांची विश्वविद्यालय में तालाबंदी की जाएगी.
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से भी मुलाकात की है. उन्हें आश्वासन मिला है कि 3 से 4 दिनों के भीतर नए कुलपति की नियुक्ति की जा सकती है. छात्र नेताओं ने कहा कि वे तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक परीक्षाओं का स्पष्ट शेड्यूल जारी नहीं किया जाता.
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