कपूर खानदान के पुराने पंडित ने करवाए 4 फेरे
alt="" width="720" height="540" /> राहुल भट्ट ने बताया कि कपूर खानदान के पुराने पंडित ने यह विवाह संपन्ना करवाया. उन्हों ने ही आलिया और रणबीर के 7 की बजाए 4 फेरे करवाए. राहुल ने बताया कि पंडित जी ने हर फेरे का महत्व भी बताया. पहला फेरा होता है धर्म के लिए और दूसरा फेरा होता है संतान के लिए. इसी तरह से बाकी फेरे के भी महत्व होते हैं.
शादी में चार फेरे का ये है महत्व
alt="" width="1200" height="899" /> जब से यह खबर सामने आयी है. लोग जानने को व्याकुल है. आखिर क्यों आलिया-रणबीर ने 4 फेरे लिये. बता दें कि 4 फेरों की धार्मिक आधार पर व्याख्या की गयी है. पहले फेरे का अर्थ है व्यक्ति को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और किसी भी स्थिति में धर्म से समझौता नहीं करना चाहिए. वहीं दूसरे फेरे में आय के बारे में व्याख्या की जाती है कि कैसे दोनों को सीमित आय में खुद को सुखी रखना चाहिए. तीसरे फेरे में काम के भाव से जुड़ा ज्ञान दिया जाता है. वहीं चौथे फेरे में मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग के बारे में बताया जाता है.
सिख समुदायों के 4 फेरे लेने की है परंपरा
alt="" width="640" height="479" /> आपको बता दें कि अधिकांश तौर पर सिख समुदाय के लोगों के विवाह में 4 फेरे लेने की परंपरा है. दूल्हा और दुल्हन गुरु ग्रंथ साहिब को बीच में रखकर उसके चारों ओर 4 फेरे लगाते हैं. इसे लवण या फिर लावा या फेरा कहा जाता है. इन 4 फेरों में पहले 3 फेरों में कन्या आगे रहती है तो वहीं आखिरी फेरे में वर आगे रहता है. इनके अलावा राजस्थान के कुछ राजपूत घरानों में 7 के स्थान पर 4 ही फेरे लेने की परंपरा चली आ रही है. देश के कुछ अन्य स्थानों पर भी 4 फेरे लेने की परंपरा है. वैदिक काल में भी विवाह के वक्त 7 के स्थान पर 4 फेरे लिए जाते थे. [wpse_comments_template]

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