Ramgarh News: सरस्वती विद्या मंदिर रजरप्पा में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कक्षा चतुर्थ से द्वादश तक के भैया-बहनों के बीच अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद ने कहा कि हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है. हिंदी के प्रति सम्मान और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करना चाहिए.
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उन्होंने कहा कि निबंध लेखन विद्यार्थियों की रचनात्मकता, चिंतन क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है. इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
वहीं प्रतियोगिता विभिन्न विषयों पर चार वर्गों-शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग में निर्धारित शब्द सीमा में निबंध लेखन की प्रतियोगिता संपन्न हुई. जिसमें शिशु वर्ग-मेरे विद्यालय की दैनिक वंदना, बाल वर्ग-पंच परिवर्तन-पर्यावरण के संदर्भ में', किशोर वर्ग-'वंदे मातरम् ' के 150 वर्ष एवं तरुण वर्ग- नागरिक कर्तव्य: हमारा धर्म विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए.
इस दौरान प्रतियोगिता में चयनित निबंध को पहले प्रांतीय स्तर, फिर अखिल भारतीय स्तर पर सम्मिलित कराया जाएगा. जबकि अखिल भारतीय स्तर पर चयनित निबंध को विद्या भारती, अखिल भारतीय शिक्षा संस्कृति संस्थान के द्वारा पुरस्कृत किया जाता है.
इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्या डॉ गायत्री कुमारी, मिथिलेश कुमार खन्ना, राकेश कुमार सहाय, बच्चूलाल तिवारी, सेखर कुमार, इंद्रजीत सिंह, गौतम कुमार, ममता कुमारी, श्वेता पंडा, चितरंजन लाल खन्ना, देव कुमार, दिलीप कुमार सिंह आदि की प्रमुख भूमिका रही.
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