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नो परचेज-नो सेल… झारखंड के पेट्रोल पंप आज बंद, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की मांग, वैट कम करे हेमंत सरकार

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LagatarDesk :  झारखंड  पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने को लेकर आज यानी 21 दिसंबर को हड़ताल की घोषणा की है. जिसके तहत झारखंड के सभी पेट्रोल पंप आज बंद रहेंगे. आज झारखंड के सभी पेट्रोल पंपों पर `नो परचेज-नो सेल`  का बोर्ड लगाकर एक दिवसीय हड़ताल की जा रही है. जिसके तहत मंगलवार को झारखंड के कुल 1400 पेट्रोल पंप बंद हैं.

सरकार ने एसोसिएशन  की मांग नहीं की पूरी तो उठायेंगे कड़े कदम

एसोसिएशन लगातार पेट्रोल पर 5 फीसदी वैट घटाने की मांग कर रहा है. यदि हेमंत सरकार वैट की दर को 22 फीसदी से घटाकर 17 फीसदी करती है तो आम जनता को महंगे पेट्रोल-डीजल से थोड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा एसोसिएशन की मां है कि सरकारी बकाया का भुगतान किया जाये.  लेकिन राज्य सरकार कोई गंभीर पहल नहीं कर रही है. इसी वजह से एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है. इस हड़ताल के बावजूद अगर राज्य सरकार पांच जनवरी तक एसोसिएशन की न मांगों पर विचार नहीं किया तो भविष्य में इससे भी कड़े कदम उठाये जायेंगे. इसे भी पढ़े : मुलायम">https://lagatar.in/mulayams-picture-with-rss-supremo-mohan-bhagwat-congress-surrounded-akhilesh-said-s-means-federalism-in-new-sp/">मुलायम

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पेट्रोल-डीजल महंगे होने के कारण एसोसिशन को हो रहा नुकसान

एसोसिएशन का कहना है कि झारखंड के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में डीजल की कीमत कम है. ऐसे में झारखंड से चलने वाले वाहन पड़ोसी राज्यों से डीजल भरवा रहे हैं. जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़े : कच्चे">https://lagatar.in/crude-oil-prices-fell-yet-petrol-and-diesel-prices-did-not-decrease-for-the-48th-consecutive-day/">कच्चे

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एसोसिएशन मे सीएम और वित्त मंत्री को सौंपा था ज्ञापन

एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह का कहना है कि पेट्रोलियम डीलरों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी थी और वित्त मंत्री से मुलाकात भी की थी. लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया. अशोक सिंह ने बताया कि वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था. लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया. उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री ने सरकारी बकाया के भुगतान को लेकर आश्वासन दिया था. लेकिन अब तक बात आगे नहीं बढ़ी है. ऐसे में 21 दिसंबर की बंदी के कारण जनता को जो परेशानी होगी  उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी. इसे भी पढ़े : उतर">https://lagatar.in/cold-wave-in-north-india-drops-of-dew-became-snow-then-mercury-in-minus-somewhere/">उतर

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