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अभ्यर्थियों का आरोपः शिक्षक नियुक्ति में हो रहा आरक्षण रोस्टर का उल्लंघन

  • सिल्ली विधायक सुदेश महतो को नाराज अभ्यर्थियों ने लिखा पत्र
  • संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा में आरक्षण रोस्टर का हो रहा उल्लंघन
  • कहा, अभ्यर्थियों के अंतिम चयन में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर रहा जेएसएससी
Ranchi : संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित प्रतियोगिता परीक्षा में आरक्षण रोस्टर के उल्लंघन का आरोप लगा है. यह आरोप 2016 में हुई परीक्षा में इतिहास और नागरिक शास्त्र विषयों के याचिकाकर्त्ताओं ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग पर लगाया है. आरोप लगाने के साथ अभ्यर्थियों ने आजसू सुप्रीमो सह सिल्ली विधायक सुदेश महतो को पत्र भी लिखा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन में सर्वोच्च न्यायालय के दिए अंतिम आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है. इतिहास और नागरिक शास्त्र विषय में रिजर्व कैटेगरी के याचिकाकर्त्ताओं को मिले अंक अगर जनरल वर्ग के अंक के बराबर या इससे अधिक हैं तो भी उसका रिजल्ट रिजर्व कैटेगरी में ही दिया जा रहा है, जो नियम का उल्लंघन है. अभ्यर्थियों के दवारा लिखे पत्र को आजसू पार्टी ने सोशल मीडिया पर भी टैग किया है. इसे पढ़ें- गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-ranka-police-station-cases-arrested-station-house-officer-custody-dayan-bisahi/">गढ़वा

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जवाब देने में असमर्थ है आयोग

अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले में जब आयोग से संपर्क किया गया, तो अधिकारियों द्वारा मौखिक रूप से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. अधिकारी यह बताने में असमर्थ रहे कि किस नियम के तहत रिजल्ट का प्रकाशन किया गया है. इसे भी पढ़ें- शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-09-march-2023-jharkhand-news-updates-lagatar/">शाम

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आरक्षण रोस्टर पालन करने का सर्वोच्च न्यायालय ने दिया था निर्देश

बता दें कि 2016 में हुई संयुक्त स्नातक शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर कई अभ्यर्थी सर्वोच्च न्यायालय तक गए थे. सर्वोच्च न्यायालय के 2 दिसंबर और 15 दिसंबर 2022 को पारित आदेश में आरक्षण रोस्टर के पालन करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा है कि जो भी मूल याचिकाकर्त्ता जनरल कैटेगरी से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, तो उनका चयन जनरल कैटेगरी में किया जाए. जो याचिकाकर्त्ता अपने कैटेगरी के बराबर अंक लाए हैं, उनका चयन उसी कैटेगरी में किया जाए, जिस कैटेगरी से वे संबंधित हैं. [wpse_comments_template]

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