- खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच का चाईबासा में धरना- प्रदर्शन
न हाजिरी चढ़ पाती है और न फोटो
कौशल्या हेम्ब्रम ने कहा कि NMMS के कारण मजदूरों की परेशानियां और बढ़ गयी हैं. अब काम खत्म होने के बाद भी फोटो के लिए मजदूरों को सुबह और दोपहर कार्यस्थल पर रहना पड़ता है. NMMS में विभिन्न तकनीकी समस्याओं व इंटरनेट नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण कई बार न हाजिरी चढ़ पाती है और न फोटो. इसके कारण मजदूरी से वंचित हो जाते हैं. अस्रिता केराई ने बताया कि NMMS के माध्यम से मजदूरों द्वारा किए गए काम व उपस्थिति को MIS में कम करना या जीरो कर देना आम बात हो गयी है.सरकार की सोच, सभी स्थानीय लोग चोर हैं- बलराम
भोजन के अधिकार अभियान से जुड़े बलराम ने कहा कि NMMS इस सोच पर बनी है कि मजदूर व ग्राम सभा समेत सभी स्थानीय लोग चोर हैं और केवल केंद्र सरकार ही ईमानदार है. यह ग्रामसभा, पांचवीं अनुसूची और लोकतंत्र का अपमान है. मंच के मानकी तुबिद ने कहा कि NMMS को सरकारी पदाधिकारियों और मंत्रियों के हाजिरी और वेतन के लिए जोड़ देना चाहिए, तब उन्हें मजदूरों का दर्द समझ में आएगा.केंद्र सरकार का मजदूर विरोधी रवैया जारी
संदीप प्रधान ने कहा कि जो मजदूर ABPS से लिंक्ड नहीं हैं, उन्हें तो अब स्थानीय प्रशासन द्वारा काम भी नहीं दिया जा रहा है. अगर मस्टर रोल में कुल मजदूरों में केवल एक भी ABPS लिंक्ड नहीं है, तो सभी मजदूरों का भुगतान रोक दिया जा रहा है. जिला के लगभग 1 करोड़ मजदूरों में केवल आधे ही ABPS लिंक्ड हैं. नरेगा वॉच के राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज ने कहा कि मनरेगा मजदूरों की ऐसी स्थिति सिर्फ पश्चिमी सिंहभूम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में है. झारखंड समेत पूरे देश के मनरेगा मजदूरों ने पिछले 60 दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन मुद्दों पर धरना दिया. लेकिन केंद्र सरकार का मजदूर विरोधी रवैया जारी है. मंच के सिराज दत्ता ने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ अडानी व चंद कॉरपोरेट घरानों को तरह -तरह का फाएदा पहुंचा रही है और दूसरी ओर मनरेगा समेत अन्य सामाजिक व खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को लगातार कमजोर कर रही है.मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सौंपा
- ऑनलाइन मोबाइल हाजिरी व्यवस्था व आधार आधारित भुगतान प्रणाली तुरंत रद्द किया जाए.
- मनरेगा बजट बढ़ाने के साथ-साथ मनरेगा मजदूरी दर को कम-से-कम 600 रु प्रति दिन किया जाए.
- हर गांव में मनरेगा अंतर्गत पर्याप्त संख्या में कच्ची योजनाओं का कार्यान्वयन शुरू करे.
- लंबित भुगतान का सर्वेक्षण करवा कर मुआवजा सहित मजदूरी भुगतान किया जाए.
- ठेकेदारी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई की जाए एवं दोषी कर्मियों व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.
- किसी भी परिस्थिति में काम किए गए मस्टर रोल को MIS में जीरो न किया जाए. ऐसा करने वाले दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए.
- किसी भी परिस्थिति में बिना भौतिक सत्यापन व ग्राम सभा के सत्यापन के बिना कोई भी जॉबकार्ड रद्द न किया जाए.
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