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14वीं JPSC पीटी परीक्षा में धांधली के आरोप, 14 जुलाई को कार्यालय घेराव का ऐलान

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है.
 

Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. जेपीएससी अभ्यर्थियों और आजसू पार्टी ने परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 14 जुलाई को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से जेपीएससी कार्यालय तक पैदल मार्च और घेराव की घोषणा की है. प्रदर्शन में राज्यभर से करीब दो हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है.

 

 

प्रदर्शन की घोषणा करते हुए छात्र नेताओं और आजसू नेताओं ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने अपने इतिहास में पहली बार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक किए बिना परिणाम जारी किया है. उनका कहना है कि परिणाम पर केवल आयोग के अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं, जबकि आयोग की निर्धारित प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बहुमत सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है.

 

अभ्यर्थियों ने दावा किया कि एक वायरल ओएमआर शीट के अनुसार कम अंक प्राप्त करने वाला अभ्यर्थी सफल घोषित हुआ है, जबकि उससे अधिक अंक लाने वाले कई अभ्यर्थी असफल कर दिए गए हैं. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ परीक्षा केंद्रों के हजारों अभ्यर्थी एक साथ असफल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है.

 

छात्र नेताओं ने परीक्षा संचालन के लिए हरियाणा की एक आउटसोर्सिंग एजेंसी को जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि पीटी परीक्षा के बाद मेन्स परीक्षा के लिए केवल तीन सप्ताह का समय दिया गया है, जबकि अन्य प्रमुख आयोग अभ्यर्थियों को पर्याप्त तैयारी का समय देते हैं.

 

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली जेपीएससी परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी गंभीर अनियमितताएं हुई थीं और हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद आयोग अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध नहीं करा रहा है.

 

अभ्यर्थियों और आजसू नेताओं ने मांग की है कि पीटी परीक्षा की सभी ओएमआर शीट सार्वजनिक की जाएं, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाए. साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है.

 

प्रदर्शनकारियों ने जेपीएससी से परिणाम जारी होने की रात का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आयोग और राज्य सरकार ने आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर झारखंड बंद का आह्वान भी किया जाएगा.

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