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आवंटन के बदले बोर्ड को मिला था 15.60 करोड़ का राजस्व
आवास बोर्ड ने 2011 में लॉटरी से रांची, धनबाद, जमशेदपुर, पलामू और हजारीबाग में आवास का आवंटन किया था. रांची में 209 लोगों का चयन लॉटरी से हुआ था. इनमें से करीब 100 आवंटियों का एकरारनामा भी रजिस्ट्री ऑफिस में जमा करा दिया गया था. 23 आवंटियों को जमीन पर कब्जा भी दे दिया गया था. आवंटन के बदले आवास बोर्ड को 15.60 करोड़ रुपए प्राप्त भी हुए थे.जिन्होंने पैसे नहीं जमा किया था, वे वर्तमान दर के हिसाब से कर रहे भुगतान
लाभुकों में से 175 लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने बैंक से लोन लेकर आवास बोर्ड को पैसा दिया था. आवंटन रद्द होने के बाद वे बैंक लोन का ब्याज भी भर रहे हैं. आवंटन पुनर्बहाल करने के फैसले से साढ़े 11 साल बाद आवंटियों के चेहरे पर खुशी लौटी है. लेकिन आवंटन पुनर्बहाल होने से कुछ आवंटियों को फायदा तो कुछ को नुकसान भी हुआ है. जिन लोगों ने 2011 में फ्लैट और प्लॉट की राशि जमा कर दी थी, उन्हें उसी रेट में मकान और प्लॉट मिल रहा है. लेकिन जिन लोगों ने पैसा जमा नहीं किया था, उन्हें वर्तमान दर से राशि जमा करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें -टेंडर">https://lagatar.in/tender-commission-scam-ed-seized-assets-worth-more-than-39-crores-suspended-chief-engineer-virendra-ram/">टेंडरकमीशन घोटाला: निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ की संपत्ति ईडी ने किया जब्त [wpse_comments_template]

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