Search

 
 
 

अमन सिंह हत्याकांड : धनबाद जेल के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी सीआईडी

 
Dhanbad : धनबाद जेल में बंद यूपी के कुख्यात शूटर अमन सिंह की हत्या के मामले को लेकर जिला पुलिस, सीआईडी और एटीएस की टीमें जांच-पड़ताल कर रही हैं. झारखंड में जेल के अंदर गोली मार कर हत्या करने की पहली वारदात में जांच कर रही तीनों टीम का मकसद अमन के कातिलों को सजा तक पहुंचाना है. क्योंकि इस वारदात के बाद धनबाद में अपराधियों के बढ़े मनोबल का अंदाजा सरकार तक हो गया. इस कारण कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए जांच टीमें अपनी कोशिशों को मजबूती दे रही हैं. ऐसे में जहां पुलिस के पास सबसे बड़े सबू्त के तौर पर सीसीटीवी फुटेज ही हैं.अब सीआईडी की टीम धनबाद जेल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगालने की कवायद में जुट गई है. ज्ञात हो कि तीन दिसंबर 2023 को जेल में बंद अमन सिंह को अस्पताल वार्ड में गोलियों से छलनी कर दिया गया था. सिर में चार और पेट में चार गोलियां दागी गई थीं. इस सनसनी खेज वारदात की खबर से धनबाद का पुलिस महकमा सन्न रह गया. छानबीन में चौंकाने वाली कई बातों से पुलिस का सामना हुआ. पता चला कि यूपी से ही शूटर आया था, जो नाम बदल कर पूरी योजना के साथ धनबाद जेल गया. योजना के मुताबिक ही उसके जेल पहुंचने के बाद दो पिस्टल जेल के अंदर पहुंचा और फिर योजना को पूरा करते हुए अमन को मौत के घाट उतार दिया गया. इस वारदात में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआइआर किया. इनमें यूपी से आकर बाइक चोरी में जेल जाने वाले शूटर रितेश यादव, विकास बजरंगी और सतीश गांधी शामिल हैं. तीनों के खिलाफ वारदात में शामिल होने के साक्ष्य पुलिस को जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिल चुके हैं. हालांकि पुलिस ने इस वारदात में पूरे जेल परिसर में लगे सभी कैमरों को नहीं खंगाला है, बल्कि वार्ड नंबर तीन, वार्ड नंबर पांच, अस्पताल वार्ड समेत कुछ अन्य क्षेत्र में लगे कैमरों की पड़ताल की गई है. इस पूरे प्रकरण में फिलहाल तक ये नहीं पता चल पाया है कि वारदात में प्रयुक्त दोनों पिस्टल जेल के अंदर कैसे पहुंचे, हालांकि विकास बजरंगी और सतीश गांधी ने रिमांड पर लेने के बाद कबूल कर लिया है कि उन्हें हथियार के बारे में आशीष उर्फ छोटू ने फेसबुक मैसेंजर से फोन कर बताया था कि राशन वाले गोदाम में एक झोले में पिस्टल रखा है. इसके बाद बजरंगी ने राशन गोदाम से लाकर दोनों पिस्टल रितेश को दिया था. वारदात के बाद फिर वापस लेकर जेल से बाहर फेंकने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों पिस्टल बरामद हो गए थे. बता दें वारदात के बाद सीआइडी के आइजी असीम विक्रांत मिंज ने खुद धनबाद आकर मामले की पड़ताल की थी. अब सीआइडी पूरे जेल के हर कोने में लगे कैमरों के फुटेज को खंगालने की कवायद कर रही है. ताकि वारदात से जुड़े हर पहलू का साक्ष्य उपलब्ध हो सके.

गैंगस्टर प्रिंस खान की गिरफ्तारी की कवायद तेज

धनबाद पुलिस के लिए सिर दर्द बन चुके प्रिंस खान को दुबई से धनबाद लाने की कवायद में गति आई है. राज्य के गृह विभाग की ओर से विदेश मंत्रालय को लगातार कई पत्र भेजे गए हैं. दिल्ली के प्रत्यार्पण कोर्ट में भी अर्जी दाखिल की गई है. बताया जा रहा है कि दुबई सरकार को प्रिंस और उसके पूरे गिरोह के कारगुजारी के बारे में बताया जा चुका है. कई सौ पन्नों में प्रिंस और उसके गिरोह का इतिहास लिखकर अंग्रेजी और अरबी भाषा में भेजा गया है. बता दें कि जुलाई 2023 में ही प्रिंस के खिलाफ इंटरपोल की मदद से रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया गया था और उसका पासपोर्ट भी रद्द किया जा चुका है. ऐसेे में उम्मीद की जा रही है कि इन सख्तियों के बाद जल्द ही प्रिंस धनबाद पुलिस की गिरफ्त में होगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-due-to-drivers-strike-vehicles-did-not-run-for-the-second-day-passengers-troubled-5-news-together/">धनबाद

: चालकों की हड़ताल से दूसरे दिन भी नहीं चले वाहन, यात्री परेशान समेत 5 खबरें एक साथ 
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही