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सदन में कांग्रेस पर जमकर बरसे अमर बावरी, कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर किया विरोध

अमर बावरी ने कहा- कांग्रेस का आदिवासी प्रेम केवल ढोंग है, इनकी सरकार रहती तो हेमंत बाबू इतने दिन तक सीएम नहीं रहते Ranchi : पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के भाषण समाप्त होने के बाद विपक्ष के नेता अमर बावरी सदन में बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या इन्हें नहीं पता है कि राज्यपाल का अभिभाषण केंद्र सरकार लिखकर नहीं देती है, राज्य सरकार लिखकर देती है. मोदी सरकार आने के बाद कहीं भी राष्ट्रपति शासन नहीं लगा. राज्यपाल के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों की हूटिंग सही नहीं है. हेमंत सोरेन आदिवासी लीडर हो सकते हैं.  लेकिन आदिवासियों, दलित और पिछड़े वर्ग के लीडर नहीं हो सकते हैं. विपक्ष के नेता अमर बावरी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक नारेबाजी नहीं कर रहे हैं. कांग्रेस के शासनकाल में विभिन्न राज्यों में करीब 90 बार से अधिक राष्ट्रपति शासन लगाया गया. इंदिरा गांधी के कार्यकाल में सबसे अधिक 50 बार लगाया गया.

अमर बावरी ने कहा कि भाजपा ने आदिवासियों को आगे बढ़ाने का काम किया

अमर बावरी  ने कहा कि शिबू सोरेन को पहली बार बाबूलाल ने राज्यसभा भेजा. एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति भाजपा ने बनाया. कांग्रेस का आदिवासी प्रेम केवल ढोंग है. उसने मधुकोड़ा को मुख्यमंत्री बनाकर जेल भेजने का काम किया. शिबू सोरेन को भी जेल भेजने का काम कांग्रेस ने किया. कांग्रेस की सरकार रहती तो हेमंत बाबू इतने दिन तक मुख्यमंत्री नहीं रहते. कांग्रेस कभी नहीं चाहती है कि यहां के आदिवासी, दलित और पिछड़ों का विकास हो. इसके बाद कांग्रेस विधायक अनूप सिंह, दीपिका सिंह पांडे और इरफान अंसारी वेल में आ गये. तीनों विधायकों ने अमर बावरी के भाषण का विरोध किया. कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला भी वेल में आये. अंबा प्रसाद भी वेल में आये. इस बीच अमर बावरी बोले रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनका सरकार पर विश्वास नहीं है. हेमंत जी गलत नहीं है तो कोर्ट को बताये. मगर कोई कानून से ऊपर नहीं है. [wpse_comments_template]

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