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अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया, ट्रेड डील पर लगी मुहर, कांग्रेस हमलावर, मोदी सरकार पर सवालों की बौछार की

कांग्रेस नेआज मंगलवार को भारत-अमेरिका ट्रेड टील  का पूरा ब्यौरा मोदी सरकार से मांगा है. कांग्रेस पूछ रही है कि कहीं भारत का कृषि क्षेत्र खोलने, इसमें टैरिफ को शून्य तक कम करने की बात तो नहीं है. साथ ही ट्रंप के दावों के अनुसार रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने पर सहमति तो नहीं बन गयी है?
 

New Delhi : अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से विवादों में फंसे व्यापार समझौते पर कल सोमवार को मुहर लग गयी. खबर है कि भारत पर लगाया गया ट्रंप टैरिफ 50 से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है.

 Not Make in India, But Sell India pic.twitter.com/ZJvIWlAOtR

 

 
इसकी घोषणा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट पर की है. जानकारी के अनुसार पीएम मोदी से चर्चा करने के बाद ट्रंप ने इसकी घोषणा की है. इस खबर से जहां भाजपा जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गयी है.


कांग्रेस ने आज मंगलवार को भारत-अमेरिका ट्रेड टील  का पूरा ब्यौरा मोदी सरकार से मांगा है. कांग्रेस पूछ रही है कि कहीं भारत का कृषि क्षेत्र खोलने, इसमें टैरिफ को शून्य तक कम करने की बात तो नहीं है. साथ ही ट्रंप के दावों के अनुसार रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने पर सहमति तो नहीं बन गयी है?  


कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर डील की घोषणा किये जाने के तरीके पर प्रश्नचिह्न  खड़ा किया है. ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस ने कहा कि है कि अमेरिका के खिलाफ टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य तक कम किये जाने से भारत पर प्रभाव पड़ेगा. पूछा कि कृषि क्षेत्र खोले जाने से किसानों की सुरक्षा कैसे कर पायेंगे. 

 
कांग्रेस ने तंज कसा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय हुए सीज फायर की तरह ही ट्रेड डील की घोषणा भी   ट्रंप ने की.  आरोप लगाय कि यह ट्रेड डील मोदी के अनुरोध पर किया गया है.  


कांग्रेस का मानना है कि भारत अमेरिका के कदमों में पूरी तरह से बिछ गया हैय भारत अपना बाजार पूरी तरह से खोलने पर सहमत हो गया है. यह भारतीय उद्योग, व्यापारियों और किसानों पर गंभीर असर डालेगा. 


कांग्रेस ने अपमे पोस्ट में लिखा है कि मोदी सरकार रूस से नहीं, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगी.  क्या मोदी सरकार इस शर्त पर राजी हो गयी है?


साथ ही कांग्रेस ने पूछा है कि 'मेक इन इंडिया' का क्या होगा, जब  अमेरिका से अधिक सामान खरीदा जायेगा. कांग्रेस ने मांग की है मोदी सरकार संसद और पूरे देश को विश्वास में लेकर सभी विवरण साझा करे. 

   
दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी है कि भारत  रूस से तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका-वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत है.


 ट्रंप के अनुसार  प्रधानमंत्री मोदी 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य कई उत्पादों की खरीद को लेकर  सहमत है.

  

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