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अमेरिका की जवाबी कार्रवाई, इराक-सीरिया में ईरान समर्थक समूहों के 85 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक

Washington :  अमेरिका ने जॉर्डन हमले को लेकर इराक और सीरिया के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है. अमेरिका ने ईरान समर्थित मिलिशिया और ईरानी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के करीब 85 ठिकानों पर हवाई हमले किये हैं. इस एयर स्ट्राइक में कई आतंकियों के मारे जाने की सूचना है. अमेरिकी हमलों में ईरान के अंदर किसी भी स्थान को निशाना नहीं बनाया गया. अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यह हमारी जवाबी कार्रवाई की शुरुआत है. यह चुनी गयी जगहों और चुने गये समय पर जारी रहेगी. कहा कि हम पश्चिम एशिया या कहीं और संघर्ष नहीं चाहते. लेकिन अमेरिकी बलों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम अमेरिका, सेनाओं और हमारे हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कार्रवाई करेंगे. बता दें कि इराक और सीरिया ने अमेरिका के जॉर्डन को निशाना बनाया था. इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गये थे. साथ ही 40 से ज्यादा लोग घायल  हुए थे. जिसके जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने भी हवाई हमले किये.

आईआरजीसी कुद्स फोर्स और संबद्ध मिलिशिया समूहों बनाया निशाना

‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी सेना के लड़ाकू विमानों ने स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे (भारतीय समयानुसार शुक्रवार देर रात ढाई बजे) उसकी सेना ने ‘आईआरजीसी कुद्स फोर्स’ और संबद्ध मिलिशिया समूहों को निशाना बनाया. इस हमले में अमेरिका से भेजे गए लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों सहित कई विमान शामिल थे.  सेंटकॉम के अनुसार, इराक और सीरिया के जिन ठिकानों पर हमला किया गया, उनमें कमान और नियंत्रण संचालन केंद्र, खुफिया केंद्र, रॉकेट एवं मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन भंडारण, मिलिशिया समूहों और उनके आईआरजीसी प्रायोजकों की रसद और गोला-बारूद आपूर्ति श्रृंखला केंद्र शामिल हैं.

किसी अमेरिकी को नुकसान पहुंचायेंगे, तो हम जवाब देंगे

मालूम हो कि मिलिशिया समूहों पर जवाबी हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य शीर्ष अमेरिकी नेता कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह केवल एक हमला नहीं बल्कि समय के साथ की जाने वाली कई स्तर की प्रतिक्रिया होगी. हमले के बाद बाइडन ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया या दुनिया में कहीं भी संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, वे यह जान लें. यदि आप किसी अमेरिकी को नुकसान पहुंचायेंगे, तो हम जवाब देंगे. [wpse_comments_template]

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