New Delhi : भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गयी एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में भारी तबाही हुई थी. यह बात अब पूरी दुनिया मानने लगी है. पाकिस्तान इतना भयभीत हो गया था कि वह डर के मारे युद्ध रुकवाने के लिए 60 बार अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाया था. पाकिस्तानी एयरबेस और आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक के दौरान मदद के लिए अमेरिका से गुहार लगाई थी
बता दें कि ट्रंप सरकार द्वारा अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत कई दस्तावेज सार्वजनिक किये गये हैं. इसमें ऑपरेशन सिंदूर को लेकर यह खुलासा हुआ है.
इन दस्तावेजों के अनुसार पाकिस्तान ने इस संबंध में जोरदार लॉबिंग की थी. इसके लिए 45 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. इस्लामाबाद इस बात के लिए चिंतित था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी सिर्फ रोका गया है. पाकिस्तान मे फिर से हमले शुरू हो सकते हैं.
अमेरिकी दस्तावेजों के अनुसार पाकिस्तान अमेरिकी प्रशासन के उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क में था. क्राइसिस मैनेजमेंट में लगा हुआ था. यहां तक कि पाकिस्तान अमेरिका से हथियार देने की गुहार भी लगा रहा था, साथ ही वह आर्थिक मदद भी मांग रहा था.
FARA के तहत जारी दस्तावेज के अनुसार भारत का सैन्य अभियान रोकने की गुहार पाकिस्तानी कमांडरों की तरफ से आया था. पाक के सैन्य अफसरों को भारी नुकसान का अंदाजा हो गया था. भारत की सैन्य ताकत के सामने वे और अधिक नुकसान उठाने की हालत में नहीं थे.
कोई उपाय काम नहीं आता देख पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप से मदद मांगी थी. पाकिस्तान को इस बात का डर सता रहा था कि भारत फिर हमले कर सकता है. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने मई में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ रोका गया है, खत्म नहीं हुआ है.
याद करें कि पिछले साल मई 2025 के पहले सप्ताह में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर लॉंच किया था. भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक कर 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराया था. पाकिस्तान के कई सैन्य हवाई अड्डों को नष्ट कर दिया था. 10 मई को सीज़फायर किया गया था
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