LagatarDesk : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 180 से ज्यादा देशों पर टैरिफ लगाया है. ट्रंप के इस टैरिफ बम से पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है. ट्रंप के इस निर्णय से अमेरिका की जनता में भी आक्रोश बढ़ गया है और लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. दरअसल अमेरिका के इस टैरिफ के जवाब में कई देशों ने भी अमेरिका पर टैरिफ लगाना शुरू कर दिया है. इसकी वजह से अमेरिकी शेयर बाजार पर भारी गिरावट आयी है, जिससे निवेशकों के पैसे डूब गये हैं और आगे भी पैसे डूबने का खतरा मंडरा रहा है. इस नुकसान के कारण निवेशकों में भारी नाराजगी है. दूसरी तरफ अमेरिका में भी जवाबी टैरिफ लगाने की वजह से विदेशी सामान महंगे हो सकते हैं. सामान महंगे होने की आशंका और निवेशकों को लगी भारी चपत के कारण लोग ट्रंप के विरोध में सड़कों पर उतर आये हैं. अमेरिका के कई प्रमुख शहरों जैसे वॉशिंगटन, बॉस्टन, शिकागो और न्यूयॉर्क में ट्रंप प्रशासन के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किये जा रहे हैं. जनता का हुजूम राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है. उनके हाथों में ट्रंप और एलन मस्क के खिलाफ बैनर देखे जा रहे हैं.
मशहूर बिजनेसमैन और पर्शिंग स्क्वायर के सीईओ बिल एकमैन ने ट्रंप का विरोध करने के साथ-साथ उन्हें सलाह भी दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश टैरिफ की वैश्विक प्रणाली को सुधारने के लिए राष्ट्रपति के साथ खड़ा है, क्योंकि इससे देश को नुकसान पहुंचा है. राष्ट्रपति ने इसे एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दा बनाया है और यह ध्यान आकर्षित कर रहा है. हालांकि, कई देशों ने अमेरिका का फायदा उठाकर अपने उद्योगों की रक्षा की है, जिससे हमारे देश में लाखों नौकरियों और आर्थिक विकास को नुकसान हुआ है. लेकिन यदि राष्ट्रपति सभी देशों पर भारी और असंगत टैरिफ लगाते हैं, तो इससे अमेरिका का व्यापारिक विश्वास खत्म हो जाएगा. यह विश्वास व्यापार का मूल है और अगर हम आर्थिक युद्ध की ओर बढ़ते हैं, तो इससे न केवल बड़े व्यवसाय बल्कि छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय भी प्रभावित होंगे. यदि 9 अप्रैल को हम टैरिफ लगाते हैं, तो व्यापार निवेश रुक जायेगा, उपभोक्ता खर्च कम करेंगे और कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ेगी. व्यवसाय में विश्वास का बहुत महत्व है. राष्ट्रपति को अब सही कदम उठाने का अवसर है. यदि नहीं, तो हम आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकते हैं. हमें ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए कि कैसे स्थिति को संभाला जाए. https://twitter.com/BillAckman/status/1908992002366292286
शनिवार को देशभर के 6 लाख से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने वाशिंगटन डीसी में वाशिंगटन मॉन्यूमेंट के पास प्रदर्शन किया. जबकि न्यूयॉर्क में गुस्साये लोगों ने मैनहट्टन की सड़कें 20 ब्लॉक तक भर गयीं.
प्रदर्शनकारी न केवल ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ हैं, बल्कि वे सरकारी नौकरियों में कटौती और सार्वजनिक सेवाओं की फंडिंग में कमी को लेकर भी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.
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मशहूर बिजनेसमैन और पर्शिंग स्क्वायर के सीईओ बिल एकमैन ने ट्रंप का विरोध करने के साथ-साथ उन्हें सलाह भी दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देश टैरिफ की वैश्विक प्रणाली को सुधारने के लिए राष्ट्रपति के साथ खड़ा है, क्योंकि इससे देश को नुकसान पहुंचा है. राष्ट्रपति ने इसे एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दा बनाया है और यह ध्यान आकर्षित कर रहा है. हालांकि, कई देशों ने अमेरिका का फायदा उठाकर अपने उद्योगों की रक्षा की है, जिससे हमारे देश में लाखों नौकरियों और आर्थिक विकास को नुकसान हुआ है. लेकिन यदि राष्ट्रपति सभी देशों पर भारी और असंगत टैरिफ लगाते हैं, तो इससे अमेरिका का व्यापारिक विश्वास खत्म हो जाएगा. यह विश्वास व्यापार का मूल है और अगर हम आर्थिक युद्ध की ओर बढ़ते हैं, तो इससे न केवल बड़े व्यवसाय बल्कि छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय भी प्रभावित होंगे. यदि 9 अप्रैल को हम टैरिफ लगाते हैं, तो व्यापार निवेश रुक जायेगा, उपभोक्ता खर्च कम करेंगे और कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ेगी. व्यवसाय में विश्वास का बहुत महत्व है. राष्ट्रपति को अब सही कदम उठाने का अवसर है. यदि नहीं, तो हम आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकते हैं. हमें ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए कि कैसे स्थिति को संभाला जाए. https://twitter.com/BillAckman/status/1908992002366292286
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