चुनाव की तैयारी में जुटे सभी दल
आरोप-प्रत्यारोप के बीच सीएम हेमंत सोरेन तो यह भी कह रहे हैं कि उनकी गलती की है, तो सजा दी जाए. वहीं एक ओर पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी समर में कूदने के लिए तैयार रहने का निर्देश दे रहे हैं, तो दूसरी ओर पिछले चुनावों के दौरान किए गए वादे भी पूरा करने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. इधर कांग्रेस भी चुनाव के लिए ताल ठोकने लगी है.पार्टी के नेता व हेमंत सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता विपक्ष को ललकार रहे हैं. कह रहे हैं कि पार्टी चुनाव के लिए तैयार है.कांग्रेस भी संगठन को प्रखंड से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है. भाजपा-आजसू भी पीछे नहीं है. ये दोनों पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी हैं. सत्ताधारी नेताओं के हालिया बयान के बीच विपक्ष (भाजपा ) का दावा है कि प्रदेश में हेमंत सोरेन नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के ज्यादा दिन चलेगी. इन राजनीतिक गतिविधियों से संकेत मिल रहा है कि प्रदेश में झामुमो- कांग्रेस, भाजपा-आजसू अब चुनाव के मूड में है. इसे भी पढ़ें–जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-beautiful-fireworks-will-welcome-palki-sahib-in-sakchi/">जमशेदपुर: खूबसूरत आतिशबाजी से होगा साकची में पालकी साहिब का स्वागत
भाजपा के संगठन मंत्री ने चुनाव के लिए तैयार रहने का दिया निर्देश
प्रदेश भाजपा के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के नेताओं -कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक में शामिल अधिकांश वैसे कार्यकर्ता थे, जिन्हें 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट दिया, पर वे जीत नहीं पाए थे. एक प्रत्याशी ने बताया कि संगठन मंत्री ने स्पष्ट तौर पर सभी को चुनाव के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया. बता दें कि आजसू से अलग होने के बाद भाजपा ने कुल 79 सीटों पर अपने अधिकृत प्रत्याशियों को उतारा था और सिर्फ 25 सीटों पर ही पार्टी को जीत मिल सकी थी.हेमंत चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने का दे चुके हैं निर्देश
झामुमो कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का निर्देश खुद पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दे चुके हैं. बीते दिनों राजधानी के सोहराय भवन में आयोजित पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की विस्तारित बैठक में हेमंत ने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा था. उन्होंने मीडिया को भी बताया था कि झामुमो हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहता है.alt="" width="600" height="400" />
चुनावी वादों को पूरा करने में में लगी है सत्ताधारी पार्टियां
कैबिनेट की बैठकों में मुख्यमंत्री ने जिस तरह से अपने चुनावी वादों को पूरा किया है, वह भी सीधे-सीधे चुनाव मोड पर जाने को इशारा करता है. ओबीसी आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने, 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति लाने की पहल, नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के 30 साल के विवादों को दूर करना, पारा शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकों के मानदेय में बढ़ोतरी और सरकारी कर्मियों की पुरानी पेंशन योजना को दोबारा बहाल करने जैसे निर्णय लेकर विपक्ष को बैकफुट पर लाया. राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी तैयारी के रूप में देख रहे हैं. इसे भी पढ़ें–अयोध्या">https://lagatar.in/ramlalas-court-decorated-with-17-lakh-lamps-in-ayodhya-pm-modi-performed-aarti-see-photos/">अयोध्यामें 17 लाख दीयों से सजा रामलला का दरबार, पीएम मोदी ने की आरती, देखें तस्वीरें

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