Lagatar Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमानजनक बयानों को लेकर भाजपा ने सोमवार को जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रही है. इस बीच खरगे ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनिमियतता और एसआइआर को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि वोट चोरी के अनगिनत ख़ुलासों के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है.
खड़गे ने एक्स पर कहा है,”SIR में इस्तेमाल सॉफ्टवेयर की जानकारी जनसूचना अधिकार (आरटीआई) में माँगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'Trade Secrets' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया. उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख Form-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया. पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पकड़ी गईं. अब पूरे प्रदेश में फॉर्म 6, 7 और 8 की जाँच के आदेश देने को मजबूर होना पड़ा है.”
खड़गे ने आगे कहा है, “बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के ख़िलाफ़ इंडिया गठबंधन की तीन प्रमुख माँगें स्पष्ट हैं- CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला 2023 का कानून निरस्त हो.”
SIR तत्काल रोका जाए. ग़ैरकानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल हों. और सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएँ. यह केवल वोट बचाने की लड़ाई नहीं, संविधान और लोकतंत्र बचाने का जनसंघर्ष है.
इसके साथ ही खड़गे ने देश के हर जागरूक नागरिक से अपील की है कि एक नवंबर को दिल्ली चलिए. रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ–देश बचाओ' जन मार्च और महारैली से जुड़िए.