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अमित शाह ने कहा, राहुल गांधी को CAA से क्या परेशानी है, जनता को खुल कर बतायें... विपक्ष झूठ की राजनीति कर रहा है...

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New Delhi : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि CAA (नागरिकता संशोधन कानून) मुस्लिम विरोधी नहीं है. शाह ने कहा कि राहुल गांधी, ममता. केजरीवाल सहित अन्य विपक्षी दलों के नेता झूठ की राजनीति कर रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई को दिये गये साक्षात्कार में श्री शाह ने राहुल को मंच पर आकर खुलकर CAA पर अपनी राय रखने की चुनौती देते हुए अनुरोध किया कि समाचार एजेंसी इस मुद्दे पर विस्तार से राहुल गांधी का इंटरव्यू करे और आम जनता को CAA के विरोध की वजह समझायें. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/#google_vignette">नेशनल

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कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेता CAA पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहे हैं

कहा कि राजनीति में यह नेताओं की जिम्मेदारी बनती है वह अपने विचार पर जनता के समक्ष स्पष्ट करें. बता दें कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी नेता CAA पर सवाल उठाते हुए विरोध पर उतर आये हैं. अमित शाह ने कहा, CAA लागू करने का फैसला केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से लिया गया है, तो मुझे अपनी पार्टी का मंतव्य जनता को समझाना होगा. राहुल गांधी को भी जनता को यह समझाना चाहिए कि वह इस कानून के विरोध में क्यों हैं.

जयराम रमेश CAA लागू करने की टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं

कांग्रेस की बात करें तो उसके नेता जयराम रमेश CAA लागू करने की टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं. उनका आरोप है कि यह विवादित कानून है, क्योंकि नागरिकता कभी धर्म के आधार पर नहीं मिलती. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी, ममता या केजरीवाल समेत सभी विपक्षी दल झूठ की राजनीति कर रहे हैं. टाइमिंग का सवाल नहीं उठता क्योंकि भाजपा साल 2019 के अपने घोषणापत्र में साफ कर चुकी है कि वह सीएए लेकर आयेगी. भाजपा के घोषणा पत्र में गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की बात कही गयी है. कहा कि भाजपा उस वादे के अनुसार 2019 में बिल लायी और दोनों सदनों में यह पास हुआ. कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई. चुनाव में जनादेश मिलने से पहले ही भाजपा का एजेंडा साफ था.

विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति कर अपना वोट बैंक एकजुट करना चाहता है.

अमित शाह के अनुसार टाइमिंग, राजनीतिक फायदा या नुकसान का कोई सवाल ही पैदा होता. आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर तुष्टिकरण की राजनीति कर अपना वोट बैंक एकजुट करना चाहता है. मेरा कहना है कि उनका भेद खुल चुका है. सीएए पूरे देश के लिए कानून है और यह लागू हो गया है. शाह ने कहा, `मैंने हाल ही में लगभग 41 बार यह दोहराया है कि भारत में अल्पसंख्यकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसमें किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है. यह सिर्फ सताये गये हुए हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई और पारसियों को नागरिकता देने की गारंटी देता है. [wpse_comments_template]  

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