Ranchi: झारखंड विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान विधायक अमित कुमार यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने विभाग के बड़े बजट का जिक्र करते हुए कहा कि जमीन पर काम की रफ्तार धीमी है और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
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कहा कि अबुआ आवास योजना में कई लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये मिले, लेकिन इसके बाद वे फंस गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी लोगों को जियो टैग का डर दिखाकर अगली किस्त रोकने की बात करते हैं. अंबेडकर आवास योजना पर भी उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से नए लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं.
विधायक ने कहा कि प्रखंड कार्यालय और थानों में बिना कमीशन के कोई काम नहीं होता. उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में भी अवैध वसूली की जा रही है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यहां कफन में भी कमीशन लिया जा रहा है. उनका आरोप था कि कुछ अधिकारी खुले तौर पर कहते हैं कि उन्हें ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है.
कुमार यादव ने सखी मंडल की महिलाओं की समस्या उठाई. उन्होंने कहा कि छोटे बैंक और दलाल कर्ज वसूली के नाम पर महिलाओं को परेशान कर रहे हैं. पंचायती राज व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास पर्याप्त बजट नहीं है. उन्होंने मुखिया, प्रमुख और जिला परिषद सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की.
विधायक ने कहा कि कई महत्वपूर्ण सड़कों के टेंडर दो साल से लंबित हैं. इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने सरकार से लंबित टेंडरों को जल्द पूरा करने और सड़कों के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान देने की मांग की.
कुमार यादव ने सुझाव दिया कि पिछले वर्ष और इस वर्ष के विधायक फंड को मिलाकर सभी 81 विधायकों से सड़क और पुल पुलिया के प्रस्ताव लिए जाएं. उन्होंने कहा कि बरसात से पहले इन योजनाओं पर काम शुरू होना चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके.
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