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बांग्लादेश की स्थिति पर अमेरिका की नजर, कहा- जनता की इच्छा का सम्मान कर बनाये अंतरिम सरकार

लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन कर बांग्लादेश में बनाई जानी चाहिए अंतरिम सरकार : अमेरिका Washington : भारत का एक और पड़ोसी देश बांग्लादेश, जो कभी पाकिस्तान का ही हिस्सा था, वहां तख्तापलट हो गया. इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थित पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और बांग्लादेशी लोगों की इच्छा का सम्मान कर अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए. अमेरिका ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनाये जाने के फैसले का स्वागत किया. साथ ही देश की सेना से आग्रह किया कि कोई भी सत्ता परिवर्तन बांग्लादेश के कानूनों के अनुसार किया जाये.

बांग्लादेश के लोगों को सरकार का भविष्य निर्धारित करते देखना चाहते : मैथ्यू मिलर 

मैथ्यू मिलर ने कहा कि अमेरिका बांग्लादेश के लोगों को बांग्लादेश की सरकार का भविष्य निर्धारित करते देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के संबंध में सभी फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और बांग्लादेशी लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए किए जाने चाहिए. अब जवाबदेही कैसी होनी चाहिए, यह बांग्लादेशी कानून के तहत तय किया जाना चाहिए.

हिंसा से बचने और शांति व संयम बरतने का किया आग्रह 

मिलर ने जोर देकर कहा कि अमेरिका बांग्लादेश के लोगों के साथ अपने रिश्ते को काफी महत्व देता है. उन्होंने कहा कि हम इसे जारी रखना चाहते हैं. हालांकि मिलर ने बांग्लादेश के साथ भविष्य के रिश्ते को लेकर फिलहाल चुप्पी साध ली है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे को अभी 12 घंटे भी नहीं बीते हैं. मिलर ने कहा कि अमेरिका बांग्लादेश की स्थिति पर नजर रख रहा है. वह बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा है. उन्होंने सभी पक्षों से हिंसा से बचने की अपील की. साथ ही आने वाले दिनों में शांति एवं संयम बरतने का आग्रह किया.

प्रियजनों को खोने और हिंसा का दंश झेल रहे लोगों के प्रति  संवेदना व्यक्त की

मैथ्यू मिलर ने देश में हिंसा समाप्त करने व पिछले कुछ हफ्तों में हुई मौतों के लिए जवाबदेही तय करने का आह्वान किया. कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में हुई हिंसा और मौतों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण व पारदर्शी जांच करायें. मिलर ने देश में मानवाधिकारों के हनन, लोगों की जान जाने और उनके घायल होने की खबरों पर दुख व्यक्त किया. साथ ही प्रियजनों को खोने और हिंसा का दंश झेल रहे लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवार के सरकारी नौकरी में 30 फीसदी आरक्षण के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन 

बता दें कि बांग्लादेश सरकार ने वर्ष 1971 के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था. छात्रों ने विवादास्पद नौकरी आरक्षण योजना के खिलाफ पिछले महीने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया. छात्र प्रदर्शन कर आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रहे थे. हसीना सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में पिछले दो दिनों में 100 से अधिक लोग मारे गये. बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से अराजकता की स्थिति पैदा हो गयी है. ढाका में बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने कहा है कि एक अंतरिम सरकार कार्यभार संभालने जा रही है और सेना देश में कानून-व्यवस्था बनाये रखने का जिम्मा उठायेगी. हसीना के देश छोड़ने की खबर आते ही हजारों प्रदर्शनकारी उनके आवास में घुस गए और तोड़फोड़ व लूटपाट की. बाद में हसीना लंदन जाने की अपनी योजना के तहत भारत में गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरीं. [wpse_comments_template]

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