Chennai : डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिये गये सनातन धर्म मिटाने वाले बयान को लेकर पूर्व आईपीएस व भाजपा नेता के अन्नामलाई ने पलटवार किया है.
अन्नामलाई ने तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष (उदयनिधि स्टालिन) को चुनौती दी है कि अगर उन्हें सनातन धर्म मिटाने का इतना ही शौक है, तो पहले अपनी मां दुर्गा स्टालिन को मंदिर जाने से रोककर दिखायें.
अन्नामलाई ने यह भी कहा कि मैं उदयनिधि को एक भगवद्गीता गिफ्ट करने जा रहा हूं. मैं चाहता हूं कि वे पढ़ें, तंज कसा कि उस तरह से भगवद्गीता नहीं पढ़े, जिस तरह उन्होंने अपनी परीक्षाओं के लिए पढ़ाई की है. इसे अच्छे से पढ़ेंगे तो समझ जाएंगे कि सनातन धर्म क्या है?
अन्नामलाई ने कहा कि सनातन ईसाई धर्म की स्थापना से भी पहले से था, सनातन इस्लाम की स्थापना से भी पहले से था. अन्नामलाई ने सनातन का मर्म समझाते हुए कहा कि इंसान में ईश्वर को देखना यही सनातन धर्म है.
कहा कि सनातन धर्म में कभी भी ऊंची-नीची जातियां नहीं रहीं. सनातन धर्म हमेशा हर तरह के भेदभाव का विरोध करता है. आरोप लगाया कि तमिलनाडु में जब ईसाई मिशनरीज आयी, तब से जातियां आयी.
याद करें कि तमिलनाडु विधानसभा में 12 मई के पूर्व सीएम एमके स्टालिन के बेटे और नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को बांटने वाला करार देते हुए इसके समूल नाश की बात कही थी.
अहम बात यह है कि उदयनिधि जब यह बयान दे रहे थे, तब मुख्यमंत्री विजय सदन में चुपचाप बैठे हुए थे. जान लें कि तमिलनाडु में हिंदू आबादी लगभग 88 फीसदी है.
जानकारी के अनुसार उदयनिधि की मां दुर्गा स्टालिन बेहद धार्मिक हैं. वे हर दिन सुबह-शाम अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने जाती हैं. अन्नामलाई ने कहा कि जो व्यक्ति अपने घर के सदस्यों को पूजा करने से रोक नहीं सकता, वह सनातन धर्म मिटाने की बात कर रहा है.
दुर्गा स्टालिन डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की पत्नी हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि वह एक बिजनेसवूमन होने तो अलावा लेखिका भी हैं. वह तमिल में 15 से अधिक किताबें लिख चुकी हैं.
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