Search

 
 
 

अन्नपूर्णा देवी ने ममता बनर्जी सरकार की आलोचना की, कहा, राज्य में महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही है

 
 NewDelhi :  पश्चिम बंगाल में एक चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना को लेकर हो रहे व्यापक विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि राज्य में एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही है.

बंगाल केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में विफल

उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों और आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में विफल रहने के लिए ममता बनर्जी सरकार की आलोचना की.

अन्नपूर्णा देवी ने कहा, केंद्र की योजनाओं को लागू करना होगा 

उन्होंने कहा, हम योजना का खर्चा उठा रहे हैं ताकि बंगाल को  पैसा खर्च नहीं करना पड़े, लेकिन राज्य को इसे लागू तो करना होगा. मंत्री ने कहा,  हम महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य को सुझाव दे रहे हैं. आरोप लगाया कि राज्य  को आवंटित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (एफटीएससी) राज्य में अभी तक चालू नहीं हुई हैं.

राज्य में 123 विशेष अदालतें खोली जानी हैं

मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 409 विशेष पॉक्सो अदालतों समेत 752 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें (एफटीएससी) काम कर रही हैं.  मंत्री  के अनुसार योजना शुरू होने के बाद से इन अदालतों ने 2,53,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है. कहा कि  इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल को 123 अदालतें आवंटित की गयी थीं, जिसमें 20 पॉक्सो न्यायालय और 103 संयुक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें  शामिल थी, हालांकि, इनमें से कोई भी अदालत शुरू नहीं  की गयी.

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए कई योजनाएं हैं

महिला एवं बाल विकास मंत्री देवी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यह विडंबना है कि पश्चिम बंगाल देश का अभी एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी मुख्यमंत्री महिला हैं लेकिन फिर भी राज्य में महिलाओं की स्थिति बिगड़ती जा रही है. देवी ने कहा, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य हैं जहां हम केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं, जैसे त्वरित विशेष अदालतें और पॉक्सो (यौन अपराधों ने बच्चों का संरक्षण अधिनियम) अदालतें, लेकिन राज्य (पश्चिम बंगाल) इसमें पिछड़ रहा है.
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही