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वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण : इंदौर ने 5वीं बार जीता सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड, वाराणसी गंगा शहर की श्रेणी में अव्वल

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 NewDelhi :  केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में  मध्य प्रदेश के इंदौर को लगातार 5वीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है, जबकि सूरत को इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है.   तीसरा स्थान विजयवाड़ा को प्राप्त हुआ. इंदौर को कचरा मुक्त शहर की स्टार रेटिंग का खिताब भी प्रदान किया गया. साथ ही 12 करोड़ का सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज अवार्ड भी इंदौर नगर निगम ने अपने नाम किया है. बता दें कि यह पुरस्कार पहली बार शुरू किया गया है. खबर है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में इंदौर शहर को इस बार तीन पुरस्कार मिले हैं. इस क्रम में सफाई मित्र इंदिराबाई आदिवाल को भी सम्मानित किया गया. इसे भी पढ़ें : कृषि">https://lagatar.in/subramanian-swamy-said-on-withdrawing-agriculture-law-china-has-occupied-our-land-will-modi-accept-it-and-get-rid-of-every-inch/">कृषि

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छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया

इस क्रम में  वाराणसी  सबसे स्वच्छ गंगा शहर की श्रेणी में अव्वल रहा. वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य घोषित किया गया. जानकारी दी गयी कि स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों  को शामिल किया गया था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये. इस अवसर पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. कहा कि गांधीजी की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि 35 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों तथा शहरी क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त हुए हैं. इसे भी पढ़ें :  प्रियंका">https://lagatar.in/priyanka-gandhi-wrote-a-letter-to-pm-modi-said-if-you-are-sensitive-towards-farmers-then-sack-ajay-mishra-from-the-cabinet/">प्रियंका

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  छोटे बच्चे भी बड़ों को गंदगी फैलाने पर टोकते हैं

राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सबसे बड़ी सफलता देश की सोच में बदलाव आना है जहां अब घर के छोटे बच्चे भी बड़ों को गंदगी फैलाने से रोकते और टोकते हैं. कहा कि मनुष्य द्वारा सिर पर मैला ढोना एक शर्मनाक प्रथा है और इसे रोकने की जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं बल्कि समाज और देश के सभी नागरिकों की है. उन्होंने सुझाव दिया कि सभी शहरों में मशीन से सफाई की सुविधा उपलब्ध करायी जानी चाहिए. राष्ट्रपति ने स्वच्छता पुरस्कार विजेता शहरों की अच्छी प्रथाओं एंव चलन को अपनाने की बात भी की.

स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहर-नगर शामिल हुए

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने  बयान जारी कर कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में भी पुरस्कृत किया जायेगा. मंत्रालय के अनुसार इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है. साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था.

  पांच करोड़ से ज्यादा फीडबैक मिले

मंत्रालय ने इससे पूर्व शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि शनिवार को स्वच्छ अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है और इसमें मंत्रालय की पहल सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देते हुए सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना की जायेगी. मंत्रालय ने कहा, इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है. इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए. यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी. मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के बारे में कहा कि जमीनी स्तर पर राज्यों एवं शहरों के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है.  मिसाल दी कि  छह राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन में पांच से 25 प्रतिशत तक सुधार किया है. [wpse_comments_template]

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