Lagatar Desk: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी का बड़े दायरे में विरोध प्रदर्शन जारी है. आरोप लग रहे हैं कि एसआईआर की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं. इससे वोटर लिस्ट बनाने से लेकर मतदान को प्रभावित किया जा रहा है. वोट की चोरी की जा रही है. ऐसे वक्त में एक बार फिर से प्याले में तूफान उठ खड़ा हुआ है.
दरअसल इस बार यह तूफान उठा है चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु के उस पत्र से, जिसे उन्होंने कैबिनेट सचिव को लिखा था. पत्र के कुछ अंश सार्वजिनक हो गए हैं. जिसके बाद कुछ नये सवालों के साथ हंगामा खड़ा हो गया है. साथ ही चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु का कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को लिखे पत्र के अंश नये सिरे से बहस के केंद्र में आ गया है.
संधु के पत्र के मुख्य अंश
- -उप चुनाव आयुक्त भानु प्रकाश येतुरु (Administration) की छुट्टी (27 जुलाई से 9 अगस्त) के दौरान 28 जुलाई 2026 को मनीष गर्ग को लिंक ऑफिसर के रूप में अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया.
- -चार्ज संभालने के कुछ ही घंटों के अंदर गर्ग ने एक आदेश जारी कर दिया, जिसमें सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नरों, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नरों, डायरेक्टर जनरलों और समकक्ष अधिकारियों के बीच काम का बंटवारा बदल दिया गया.
- -DEC (Administration) के लिंक ऑफिसर का चार्ज संभालने के कुछ घंटों के अंदर मनीष गर्ग ने सीनियर DEC, DEC, DG और समकक्ष अधिकारियों के बीच काम के आवंटन संबंधी आदेश जारी किया.
- -आयोग या इसके सदस्यों के साथ संशोधित काम के आवंटन पर चर्चा नहीं किया गया. सिर्फ सूचित कर दिया गया.
- -उक्त आदेश में उन्होंने खुद को और अपने बराबर या वरिष्ठ अधिकारियों को काम सौंप दिया. मनीष गर्ग ने पहले भी इसी तरह के आदेश जारी किए थे, जब वे DEC (Administration) के रूप में काम कर रहे थे.
- -येतुरु ने छुट्टी पर जाने से पहले ऐसा कोई काम-बंटवारा आदेश जारी नहीं किया था. उनके मूल लिंक ऑफिसर संजय कुमार ने भी ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया था. फिर अचानक 28.07.2026 को Sr. DEC (MG) को चार्ज सौंपा गया और उन्होंने तुरंत उपरोक्त आदेश जारी कर दिया.
- -यह तब हुआ है, जबकि अधोहस्ताक्षरी (चुनाव आयुक्त संधु) द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को बार-बार स्पष्ट रूप से मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे कि वे आयोग से पूर्व चर्चा/मंजूरी लिए बिना ऐसी कोई कार्रवाई न करें.
- -यह न केवल आयोग की स्थापित पूर्व प्रथा के विपरीत है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 18(1) और 18(2) का स्पष्ट उल्लंघन भी है.
- -चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने भी लगभग समान शिकायत लिखी थी. जोशी ने अतिरिक्त रूप से कहा कि जब उन्होंने प्रशासन विभाग से संबंधित फाइल मांगी तो वह नहीं दी गई.
- -पत्र में IT डिवीजन (DG IT सीमा खन्ना की फाइलें) पर निगरानी की परत हटाए जाने का भी उल्लेख था, जिससे काम का बंटवारा बदला.
कार्रवाई की मांग की थी.
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु का पत्र

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु का पत्र
संधु ने कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. हालांकि कैबिनेट सचिव ने उनके पत्र को मुख्य चुनाव आयुक्त के पास भेज दिया था. जिसके बाद मनीष गर्ग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में यह सवाल उठना शुरु हो गया है कि जब चुनाव आयोग में इस तरह की गड़बड़ियां की जा रही हैं, तो उस पर भरोसा कैसे कायम रहे.
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