Ranchi : गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव की बहन मंजरी श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. जस्टिस आर मुखोपाध्याय एवं जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बुधवार को याचिका खारिज की. मंजरी श्रीवास्तव ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी. उसके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने अपने भाई अमन श्रीवास्तव को हवाला के माध्यम से किए गए पैसों की लेनदेन में सहयोग किया और संगठन के कार्यों में संलिप्त रही.
एनआईए की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि अमन श्रीवास्तव द्वारा रंगदारी से वसूली गई रकम हवाला के जरिए अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर की गई. मजरी श्रीवास्तव का नाम उस समय जांच एजेंसियों के रडार पर आया, जब एनआईए ने हवाला के 25 लाख रुपये के साथ गैंग के सदस्य विनोद और सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियो ने मंजरी श्रीवास्तव का नाम उजागर किया था.
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