साल के इंतजार के बाद पथ निर्माण विभाग के जूनियर इंनीनियरों को AE के पद पर मिलेगी प्रमोशन
इस तरह मिलेगा किसानों को लाभ
- 30 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ 3 हजार रुपये दिये जायेंगे.
- -50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ 4 हजार रुपये मिलेगा.
- यह लाभ अधिकतम 5 एकड़ खेत में लगी फसल के लिए क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी.
- लाभ केवल प्राकृतिक आपदा से होने वाली फसल क्षति के मामलों पर लागू होगा.
- योजना का लाभ लेने लिए किसानों को ऑनलाइन निबंधन कराना होगा.
- प्रत्येक फसल (खरीफ-रबी) में अलग-अलग आवेदन देना होगा.
- योजना में भाग लेने के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना है.
- प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति का आकलन एवं निर्धारण क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के आधार पर दिया जाएगा.
इस तरह किसान कर सकते हैं आवेदन
- Jrfry.jharkhand.gov.in पर खुद या प्रज्ञा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं.
- आधार संख्या, मोबाइल नंबर, आधार संबद्ध बैंक खाता का विवरण देना होगा.
- भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रशीद देनी होगी.
- वंशावली (मुखिया, ग्राम प्रधान, राजस्व कर्मचारी, अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत) देनी होगी.
- सरकारी भूमि पर खेती करने के लिए राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती पट्टा देना होगा.
- घोषणा पत्र (रैयत और बटाईदार द्वारा)
- बटाईदार किसान द्वारा सहमति पत्र देना होगा.
- पंजीकृत किसानों के चयनित फसल एवं बुआई के रकबा का पूर्ण विवरण देना होगा.
ये किसान आयेंगे दायरे में
- सभी रैयत एवं बटाईदार किसान
- किसान झारखंड राज्य का निवासी हो
- आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.
- आवेदक किसान की वैध आधार संख्या होनी चाहिए.
- कृषि कार्य से संबंधित वैध भूमि दस्तावेज देना होगा.
- न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 5 एकड़ के लिए ही निबंधित हों.
- यह सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है.
- आवेदक किसानों को अपना आधार संख्या बायोमैट्रिक्स प्रणाली के द्वारा प्रमाणित करना होगा.
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