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झारखंड : फसल क्षतिपूर्ति राशि के लिए किसानों से 15 मार्च तक मांगा आवेदन

Ranchi : सरकार ने झारखंड राज्य फसल राहत योजना को जमीन पर उतारने का काम शुरू कर दिया है. कृषि विभाग ने इस योजना के तहत किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उनसे 15 मार्च तक आवेदन मांगा है. इस योजना के तहत रबी फसल, गेहूं, सरसो, चना और आलू फसल के लिए क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी. इसे भी पढ़ें – 35">https://lagatar.in/after-waiting-for-35-years-junior-engineers-of-road-construction-department-will-get-promotion-to-the-post-of-ae/">35

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इस तरह मिलेगा किसानों को लाभ

  • 30 से 50 प्रतिशत फसल क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ 3 हजार रुपये दिये जायेंगे.
  • -50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर किसानों को प्रति एकड़ 4 हजार रुपये मिलेगा.
  • यह लाभ अधिकतम 5 एकड़ खेत में लगी फसल के लिए क्षतिपूर्ति राशि दी जाएगी.
  •  लाभ केवल प्राकृतिक आपदा से होने वाली फसल क्षति के मामलों पर लागू होगा.
  •  योजना का लाभ लेने लिए किसानों को ऑनलाइन निबंधन कराना होगा.
  • प्रत्येक फसल (खरीफ-रबी) में अलग-अलग आवेदन देना होगा.
  • योजना में भाग लेने के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना है.
  • प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति का आकलन एवं निर्धारण क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के आधार पर दिया जाएगा.

इस तरह किसान कर सकते हैं आवेदन

  • Jrfry.jharkhand.gov.in पर खुद या प्रज्ञा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं.
  • आधार संख्या, मोबाइल नंबर, आधार संबद्ध बैंक खाता का विवरण देना होगा.
  • भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रशीद देनी होगी.
  • वंशावली (मुखिया, ग्राम प्रधान, राजस्व कर्मचारी, अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत) देनी होगी.
  • सरकारी भूमि पर खेती करने के लिए राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती पट्टा देना होगा.
  • घोषणा पत्र (रैयत और बटाईदार द्वारा)
  • बटाईदार किसान द्वारा सहमति पत्र देना होगा.
  • पंजीकृत किसानों के चयनित फसल एवं बुआई के रकबा का पूर्ण विवरण देना होगा.

ये किसान आयेंगे दायरे में

  • सभी रैयत एवं बटाईदार किसान
  • किसान झारखंड राज्य का निवासी हो
  • आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.
  • आवेदक किसान की वैध आधार संख्या होनी चाहिए.
  • कृषि कार्य से संबंधित वैध भूमि दस्तावेज देना होगा.
  • न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 5 एकड़ के लिए ही निबंधित हों.
  • यह सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है.
  • आवेदक किसानों को अपना आधार संख्या बायोमैट्रिक्स प्रणाली के द्वारा प्रमाणित करना होगा.
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