Ranchi: जमीन घोटाले मामले में ईडी ने गुरुवार को चार्जशीट फाइल कर दिया है. चार्जशीट में ईडी ने दावा किया है कि सात अगस्त 2023 को हेमंत सोरेन को पहला समन जारी कर 14 अगस्त 2023 को बुलाया गया था. ठीक इसके बाद 16 अगस्त 2023 को आरोपी राजकुमार पाहन ने संबंधित जमीन पर दावेदारी का आवेदन डीसी ऑफिस में डाल दिया. इसके बाद 9 जनवरी 2024 को एसएआर कोर्ट ने एसएआर केस नंबर 81/23-24 के तहत 29 जनवरी को आदेश जारी कर 1978 से 1989 के बीच हुए सारे जमाबंदी को कैंसिल कर जमीन का मालिक राजकुमार पाहन को बना दिया.ईडी का कहना है कि इस मामले में जांच के दौरान जब स्पेशल रेगुलेशन ऑफिसर से पूछा गया कि संबंधित जमीन को लेकर कब ऑनलाइन आवेदन हुआ था तो ऑफिसर ने बताया कि यह आवेदन ऑफ लाइन आया था. जबकि साल 2023-24 में जमीन से जुड़े सारे आवेदन ऑन लाइन आए थे. अब सवाल है कि एक ऑफ लाइन आवेदन का निपटारा महज 20 दिन के भीतर कैसे कर दिया गया. जबकि उस साल कुल 103 केस दर्ज हुए थे, जिनमें से राजकुमार पाहन से जुड़े मामले समेत कुल चार केस का निपटारा किया गया. ईडी के मुताबिक सारा खेल यह दिखाने के लिए किया गया कि संबंधित 8.86 एकड़ जमीन राजकुमार पाहन की थी ना कि हेमंत सोरेन की. ईडी के मुताबिक सारा खेल हेमंत सोरेन के इशारे पर किया गया ताकि केस के प्रभावित किया जा सके.
फर्जी डीड के जरिए 6.34 एकड़ जमीन हड़पी गई
ईडी का दावा है, कि जांच के दौरान साल 1940 में बना फर्जी डीड नंबर 3985 का पता चला, जिसे भानु के अन्य सहयोगियों ने तैयार किया था. इस डीड के जरिए बलका पाहन को विक्रेता और असगर हुसैन को क्रेता दिखाया गया था. इस फर्जी डीड के जरिए 6.34 एकड़ जमीन हड़पी गई. इसी जमीन के प्लॉट संख्या 989 के तहत 0.84 एकड़ और प्लॉट संख्या 996 के तहत 0.32 एकड़ जमीन भी हेमंत सोरेन के कब्जे में हैं. ये प्रॉपर्टी 8.86 एकड़ का ही हिस्सा है.
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