इस कारण हुई सरकार सचेत
- सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के अनुसार, झारखंड में तेजी से गिरते ग्राउंड वाटर पर रिपोर्ट झारखंड सरकार को सौंपी गयी है.
- रिपोर्ट में वर्ष 2020 की तुलना में 2022 में ग्राउंड वाटर की निकासी 2.21 प्रतिशत बढ़ी है. वर्ष 2020 में ग्राउंड वाटर की निकासी 29.13 प्रतिशत रही, जबकि 2022 में बढ़कर यह 31.35 प्रतिशत तक हो गयी.
- धनबाद में 75 प्रतिशत, कोडरमा में 66.10 प्रतिशत तक दोहन बढ़ा है.
- वहीं पश्चिम सिंहभूम की स्थिति अच्छी है, यहां मात्र 9.93 प्रतिशत ही ग्राउंड वाटर का दोहन हुआ है.
ग्राउंड वाटर और वाटर पॉलिसी के लिए कब क्या हुआ
- 2011 में जल नीति बनायी गयी, जो वाटर टैक्स से संबंधित थी. इसमें ग्राउंड वाटर को लेकर जिक्र नहीं था.
- 2015 में जल आयोग का गठन हुआ, मगर इसमें कोई ठोस काम नहीं हो सका.
- देश के 14 राज्य में ही राज्य वाटर बोर्ड है, झारखंड सहित शेष राज्य में नहीं है.
- अब राज्य में राज्य वाटर बोर्ड के गठन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, इसके साथ ही राज्य सरकार अपने हिसाब से ग्राउंड वाटर का दोहन रोकने के लिए अलग से कानून बनाने जा रही है.
भूगर्भ जल निदेशालय के अनुसार किस जिले में कितना नीचे गया जल स्तर (मीटर में)
जिला वर्ष 2021 वर्ष 2023 रांची 13.4 15.09 सिमडेगा 10.6 10.02 गुमला 11.2 11.00 पलामू 13.8 15.07 लोहरदगा 11.7 11.09 हजारीबाग 12.3 14.07 चतरा 14.6 15.01 गिरिडीह 14.9 16.10 सिंहभूम 13.8 13.09 बोकारो 12.1 15.00 धनबाद 15.7 19.08 दुमका 11.8 12.10 जामताड़ा 12.5 14.00 देवघर 13.01 13.10 पाकुड़ 14.6 16.08 गोड्डा 17.5 18.00 इसे भी पढ़ें – पुलिस">https://lagatar.in/police-showed-readiness-kidnapped-girl-recovered-safely-in-3-hours-accused-arrested/">पुलिसने दिखाई तत्परता, 3 घंटे में अपहृत बच्ची सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार [wpse_comments_template]

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