Ranchi: झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों में DGP नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. आज हुई सुनवाई के दौरान सिर्फ़ ओड़िशा में DGP नियुक्ति के मुद्दे पर सुनवाई हुई. इससे पहले ओड़िशा के IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ ने UPSC को भेजी गयी सूची से अपना नाम हटाने पर आपत्ति जतायी थी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और न्यायाधीश वी मोहना की पीठ में सुनवाई के दौरान ओड़िशा सरकार ने अपना पक्ष पेश किया. झारखंड समेत अन्य राज्यों के मामले में बुधवार (23 सितंबर) को सुनवाई होगी.
ओड़िशा सरकार की ओर से कहा गया कि IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ का नाम UPSC को भेजने के लिए तैयार की गयी सूची में शामिल किया गया था. इसके बाद सूची में शामिल सभी अधिकारियों की Integrity Certificate के लिए CBI से जानकारी मांगी गयी. CBI ने सरकार को भेजे गये अपने जवाब में कहा कि SI नियुक्ति में हुई गड़बड़ी की जांच जारी है. इसमें सुशांत कुमार नाथ से पूछताछ की ज़रूरत पड़ सकती है. इसके बाद सूची से उनका नाम हटाया गया और ADG स्तर के अधिकारियों को DGP रैंक में प्रोन्नत करने के बाद UPSC को सूची भेजी गयी.
ओड़िशा सरकार की ओर से दिये गये जवाब का सुशांत कुमार नाथ की ओर से साजिश करार दिया गया. उनकी ओर कहा गया कि उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है. सीबीआई ने स्पष्ट रुप से यह नहीं कहा है कि पूछताछ की जायेगी. सिर्फ यह कहा है कि पूछताछ की जरूरत पड़ सकती है. सीबीआई के इतना कहने से Integrity Certificate वापस लिया जाना गलत है. यह उनकी नाम सूची से हटाने के लिए रची गयी साजिश का परिणाम है.