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अर्जुन मुंडा ने गिनाई जनजातीय कार्य मंत्रालय की 9 साल की उपलब्धियां

New Delhi : केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने जनजातीय कार्य मंत्रालय की नौ साल की उपलब्धियों को लेकर दिल्ली के इंटरनेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में जनजातियों के शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 200 गैर सरकारी संगठनों को लगभग 250 परियोजनाओं के लिए 900 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. वहीं 9 वर्षों में राज्यों को विभिन्न योजनाओं के तहत 5000 से अधिक परियोजनाओं के लिए 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है.

प्रधानमंत्री पीवीजीटी विकास मिशन पर जोर

उन्होंने कहा कि 2023 के बजट में सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए प्रधानमंत्री पीवीजीटी विकास मिशन शुरू किया गया. लगभग 28 लाख पीवीटीजी आबादी वाले 22,544 गांवों को योजना के तहत बुनियादी सेवाओं की पूर्ति के लिए चिन्हित किया गया है. 2023-24 से 2025-26 के दौरान मिशन के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय बजट 2023-24 में 15000 करोड़ रुपये की राशि की घोषणा की गई है. मंत्रालय ने प्रत्येक पीवीटीजी समुदाय के लिए 1 नोडल अधिकारी नियुक्त किया है और वे उनके आवासों/बस्तियों में जा रहे हैं और उनकी आवश्यकताओं को समझने के लिए क्षेत्र में रह रहे हैं.

एकलव्य मॉडल स्कूलों में 38800 शिक्षकों-कर्मियों की होगी नियुक्ति

मुंडा ने कहा कि 2023-24 के केंद्रीय बजट में ‘सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन’ की भी घोषणा की गई है. 2047 तक ‘सिकल सेल एनीमिया’ को खत्म करने के लिए एक मिशन शुरू किया जाएगा. वहीं अगले तीन वर्षों में 3.5 लाख आदिवासी छात्रों वाले 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की केंद्रीय रूप से भर्ती की जाएगी. इसे भी पढ़ें – 22">https://lagatar.in/jp-naddas-public-meeting-in-giridih-on-june-22/">22

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