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झारखंड में सक्रिय नक्सली व उग्रवादी संगठनों तक पहुंच रहे सेना के हथियार और कारतूस

 
Saurav Singh Ranchi : झारखंड में कई नक्सली और उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं. इन संगठनों के पास भारतीय सेना के हथियार और गोली पहुंच रहे हैं. गौरतलब है कि शनिवार को लातेहार पुलिस ने टीपीसी उग्रवादी संगठन के कमांडर आदेश गंझू को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर भारी मात्रा में गोली और 40 एमएम 30 एचई ग्रेनेड बरामद किया गया. 40 एमएम एचई ग्रेनेड सिर्फ भारतीय सेना के लिए सप्लाई होता है. इसका प्रयोग सिर्फ भारतीय सेना करती है. 40 एमएम एचई ग्रेनेड की बरामदगी झारखंड पुलिस ने पहली बार की है. इसकी बरामदगी होने के बाद से झारखंड पुलिस जांच में जुटी हुई है. संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले को टेकओवर कर सकती है. इसे भी पढ़ें -सिंगल">https://lagatar.in/single-use-plastic-no-action-will-be-taken-on-any-item-other-than-the-banned-19-items/">सिंगल

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झारखंड के बड़े गैंगस्टर और नक्सलियों के बीच हथियार और कारतूस सप्लाई मामले की जांच एनआईए कर रही है. एनआईए ने केस दर्ज करते हुए एटीएस थाने में दर्ज कांड संख्या 1/21 को टेकओवर कर जांच कर रही है. झारखंड में नक्सलियों व अपराधियों को हथियार और गोली की आपूर्ति करनेवाले सीआरपीएफ जवान सहित तीन लोगों को एटीएस बीते 16 नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में सीआरपीएफ जवान अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, ऋषि कुमार और पंकज कुमार सिंह के नाम शामिल थे. इनकी निशानदेही पर 5.56 एमएम की 450 राउंड गोली जब्त की गयी थी. जिसके बाद 18 नवंबर को इस गिरोह के कामेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार हुए इन लोगों की निशानदेही पर एटीएस की टीम ने बीते 25 नवंबर 2021 को बिहार झारखंड समेत कई राज्यों में छापेमारी करते हुए बीएसएफ के कांस्टेबल कार्तिक बेहरा, बीएसएफ के रिटायर हवलदार अरुण कुमार सिंह, कुमार गुरलाल, शिवलाल धवल और हिरला गुमान को गिरफ्तार किया था. इन अपराधियों के पास से पुलिस ने 14 पिस्टल 21 मैगजीन, 9,213 राउंड गोली, खाली खोखा, डेटोनेटर, बाइक और मोबाइल बरामद किये थे.

नक्सलियों को दिया एके-47 और इनसास राइफल

अविनाश उर्फ चुन्नू सीआरपीएफ 182 में आरक्षी के रूप में पुलवामा में पदस्थापित था. वह छुट्टी पर घर आने के बाद चार माह से कार्य से अनुपस्थित था. वह वर्ष 2011 में मोकामा ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ में बहाल हुआ था. पूर्व में वह 112 बटालियन सीआरपीएफ लातेहार और 204 बटालियन कोबरा जगदलपुर में पदस्थापित रहा था. पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आरोपियों द्वारा नक्सलियों को भारी संख्या में एके-47 और इनसास राइफल उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अलावा विभिन्न आपराधिक गिरोह, जिसमें अमन साहू गिरोह भी शामिल है, उसे भी हथियार और गोली उपलब्ध कराये गये थे. इसे भी पढ़ें - रामगढ़:">https://lagatar.in/ramgarh-fire-in-methane-gas-due-to-thunder-people-in-panic-seeing-the-flames/">रामगढ़:

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