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Ranchi News: सैनिक कैंटीन का बदलेगा रूप, अब मिलेंगे स्वदेशी उत्पाद और ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा

रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले बोर्ड ऑफ कंट्रोल ऑफ कैंटीन सर्विसेज (BOCCS) की 80वीं बैठक मंगलवार को रांची में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की अध्यक्षता में आयोजित हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्रालय, तीनों सेनाओं और कैंटीन स्टोर्स विभाग (CSD) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
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झारखंड की राजधानी रांची की खबरें

Ranchi: रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले बोर्ड ऑफ कंट्रोल ऑफ कैंटीन सर्विसेज (BOCCS) की 80वीं बैठक मंगलवार को रांची में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की अध्यक्षता में आयोजित हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्रालय, तीनों सेनाओं और कैंटीन स्टोर्स विभाग (CSD) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक में कैंटीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ तथा आधुनिक बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.

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इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कैंटीन स्टोर्स विभाग (CSD) के बजटीय समर्थन में वृद्धि, डिपो के आधुनिकीकरण और मानव संसाधन से जुड़े कई नीतिगत निर्णय लिए गए. इसके साथ ही, CSD के माध्यम से खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के विस्तार और सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को CSD नेटवर्क में शामिल करने पर विचार-विमर्श हुआ.

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विभाग लगातार स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहित कर रहा है. इसी क्रम में 12 मार्च 2026 को हुई समीक्षा बैठक के निर्णयों के अनुरूप TRIFED, KVIC, NAFED, NCOL, AMUL और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सहित अन्य सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से CSD के उत्पाद पोर्टफोलियो में शामिल किया जा रहा है. इससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और जनजातीय समुदायों को नया बाजार मिलेगा.

 

वर्ष 1948 में मात्र 48 लाख रुपये के शुरुआती बजट से शुरू हुआ CSD का सफर आज 51 लाख लाभार्थियों तक पहुंच चुका है. वर्तमान में यह विभाग देशभर के 34 डिपो और 3800 कैंटीनों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहा है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में CSD के लिए 34,881 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.

 

अब CSD को डिजिटलाइजेशन और ई-कॉमर्स से जोड़ा जा रहा है, ताकि सेवाएं अधिक पारदर्शी और सरल हो सकें. 'सर्विस टू द सर्विसेज' के मूल ध्येय वाक्य के साथ काम कर रहा यह संगठन आधुनिक तकनीक, सुशासन और स्वदेशी उत्पादों के जरिए देश के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए काम कर रहा है.

 

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