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सेना प्रमुख ने कहा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन हो...

New Delhi : सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच आज मंगलवार को कहा कि हिंद-प्रशांत के लिए भारत का दृष्टिकोण सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर देता है.                    ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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हिंद-प्रशांत देशों के सेना प्रमुखों के  सम्मेलन में  जनरल पांडे ने कहा

हिंद-प्रशांत देशों के सेना प्रमुखों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल पांडे ने यह भी कहा कि शांति, स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में सभी पक्षों के साथ सकारात्मक बातचीत करने की भारत की प्रतिबद्धता अटूट और निरंतर स्थिर बनी रही है. उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत के लिए भारत का दृष्टिकोण विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर, बल के प्रयोग से बचने पर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर देता है.

हम सीमा पार से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं

सेना प्रमुख ने कहा, राष्ट्रों द्वारा मुक्त हिंद-प्रशांत की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं, फिर भी हम अंतरराज्यीय विवादों और प्रतिस्पर्धाओं का गवाह बन रहे हैं. सेना प्रमुख ने कहा, हम सीमा पार से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया में इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए. हिंद-प्रशांत के महत्व पर जोर देते हुए जनरल पांडे ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र महज राष्ट्रों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे पर परस्पर निर्भरता का उदाहरण है. उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य विश्वास कायम करना तथा सहयोग मजबूत करना है. [wpse_comments_template]

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