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आर्मी लैंड स्कैम: जगत बंधु टी स्टेट के दिलीप घोष समेत चार को ईडी ने भेजा समन

Ranchi : जमीन घोटाले मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रही है. इस मामले में ईडी ने कोलकाता के जगत बंधु टी स्टेट के दिलीप घोष समेत चार लोगों को समन जारी किया है. जिन लोगों को समन जारी किया गया है. उनमें जमीन दलाल भी शामिल हैं. जिनमें राजेश राय, भरत प्रसाद, लखन सिंह और जगतबंधु टी स्टेट के दिलीप घोष शामिल हैं. ईडी ने आठ मई को राजेश राय, भरत प्रसाद और लखन सिंह को ईडी के ऑफिस बुलाया है. वहीं दिलीप घोष को 10 मई को बुलाया गया है. इसे भी पढ़ें - बिहार-झारखंड">https://lagatar.in/nia-interrogated-wanted-naxalite-prem-bhuiyan-of-bihar-jharkhand/">बिहार-झारखंड

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 राजेश राय ने सबसे पहले जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी

जानकारी के मुताबिक, राजेश राय ने सबसे पहले विवादित चेशायर होम वाली जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी. वहीं लखन प्रसाद और भरत प्रसाद दोनों ही रांची में जमीन कारोबार से जुड़े हैं. चेशायर होम जमीन की दलाली के एवज में इन्हें अच्छी रकम मिली थी.

फर्जीवाड़ा का खुलासा आयुक्त की जांच रिपोर्ट में पहले ही हो चुका है

जहां तक बात सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद-बिक्री की है, तो इसमें फर्जीवाड़ा का खुलासा आयुक्त की जांच रिपोर्ट में पहले ही हो चुका है. रिपोर्ट में यह बात सामने आ चुकी है कि प्रदीप बागची नाम के व्यक्ति ने फर्जी रैयत बनकर जगत बंधु टी इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार घोष को उक्त जमीन बेच डाली थी. जमीन की खरीद-बिक्री के लिए रजिस्ट्री में प्रदीप बागची ने जिस होल्डिंग नंबर से संबंधित दो अलग-अलग कागजातों को लगाया था, वह जांच में फर्जी मिले थे. इसके बाद रांची नगर निगम की ओर से भी बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. रांची नगर निगम के कर संग्रहकर्ता दिलीप शर्मा ने नगर आयुक्त के आदेश पर जून में प्रदीप बागची के विरुद्ध जालसाजी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदीप बागची ने फर्जी आधार कार्ड, फर्जी बिजली बिल, फर्जी पोजेशन लेटर दिखाकर दो-दो होल्डिंग ले लिया था. आयुक्त की जांच में सेना के कब्जे वाली जमीन का असली रैयत जयंत करनाड मिला था. ईडी ने पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था.

कोलकाता से फर्जी दस्तावेज बनाकर की गई गड़बड़ी

रांची में सेना की जमीन की खरीद-बिक्री में कोलकाता से फर्जी दस्तावेज बनाकर की गई गड़बड़ी की जांच में ईडी आगे बढ़ी तो रांची में सैकड़ों एकड़ जमीन की डील में फर्जीवाड़ा सामने आ गया है. रांची में एक गिरोह सक्रिय है, जो कोलकाता जाकर रांची की जमीन का फर्जी पेपर तैयार करता है, उसकी रजिस्ट्री कोलकाता में ही करायी जाती है. इसके बाद कौड़ियों की जमीन को करोड़ों में बेचा जाता है. इस पूरे फर्जीवाड़े में आला अधिकारियों के साथ-साथ अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारियों की बड़ी भूमिका होती है. वहीं ईडी ने जांच में पाया है कि जमीन घोटाला कर सरकारी अफसरों, कर्मियों के साथ-साथ माफियाओं ने अरबों की कमाई की. इसे भी पढ़ें - बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-nia-raids-the-whereabouts-of-three-people-including-the-central-general-secretary-of-the-labor-organization-committee/">बोकारो

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