धर्म की आड़ में दंगे कराने वाले लोगों पर प्रहार
जेएफटीए के छात्रों ने नाटक `राम-रहीम` का मंचन किया. जो महात्मा गांधी के प्रसिद्ध भजन ` ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सम्मति दे भगवान` की भावना को प्रस्तुत किया. नाटक में धर्म की आड़ में दंगे कराने वाले लोगों पर गहरा प्रहार है. दरअसल, राम और रहीम दो गहरे मित्र हैं, जिन्हें महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने की बचपन से सीख मिली है. जबकि दोनों के ही पिता जयदयाल और याकूब एक घटना के बाद एक दूसरे की जान के दुश्मन बन जाते हैं. एक दिन रहीम को अपने घर में देख कर जयदयाल बदले की भाव से उसपर रिवॉल्वर तान देता है, और गोली चल जाती है, बीच बचाव में उसके अपने ही बेटे राम को गोली लग जाती है. नाटक को ऋषिराज, आयुष शर्मा, सर्वेश करण, चिरंजीवी कुमार, अभिषेक राय, मनवीर सिंह, मन्नु कुमार और नीरज कुमार के अभिनय ने जीवंत किया. चिरंजीत के लिखे नाटक "राम-रहीम" का चुस्त निर्देशन राजीव सिन्हा ने किया.मासूमियत को रखिये ज़िंदा-`गिलुआ` का संदेश
मासूमियत को ज़िंदा रखिये. यही संदेश बाल हिंदी फीचर फिल्म `गिलुआ` देती है. जिससे नेतरहाट के स्कूली बच्चे रूबरू हुए. फिल्म के मुख्य कलाकार सात्विक सिन्हा और निर्मात्री ज्योति सिन्हा ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किये. मौके पर नेतरहाट विद्यालय के प्रिंसिपल संतोष कुमार सिंह भी मौजूद थे. जेएफटीए के निदेशक राजीव सिन्हा के मुताबिक, फिल्म गिलुआ अभी सेंसर की प्रक्रिया में है, इसीलिए फिल्म को शहर से दूर क्षेत्र के गांव और स्कूलों में दिखाया जा रहा है, ताकि रिलीज से पहले चुनिंदा दर्शकों की प्रतिक्रिया ली जा सके. इसे भी पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-17-april-14-arrested-in-jahangirpur-violence-builder-interrogated-in-councilor-husband-murder/">शामकी न्यूज डायरी।।17 अप्रैल।। जहांगीरपुर हिंसा में 14 अरेस्ट। पार्षद पति हत्या में बिल्डर से पूछताछ। रांची DC हैं चार्जशीटेड। 32 BDO की पोस्टिंग पर BJP गर्म। मनसे व शिवसेना में हिंदुत्व रक्षक की होड़। बिहार के अलावा कई वीडियो।। [wpse_comments_template]

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