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कुलाधिपति के रूप में, मैं छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हूं : राज्यपाल

Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई. यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह न केवल आपकी सफलता है, बल्कि आपके माता-पिता, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के लिए भी गर्व का क्षण है. आज का दिन आपकी शैक्षणिक यात्रा में मील का पत्थर है. हालांकि मैं आपको याद दिला दूं कि आपकी शिक्षा यहीं समाप्त नहीं होती है.यह वह नींव है जिस पर आप अपने भविष्य के प्रयासों का निर्माण करेंगे. यहां आपने जो ज्ञान और मूल्य अर्जित किए हैं, वे आपको आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों में मार्गदर्शन देंगे. सफलता रातोंरात नहीं मिलती यह कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और दृढ़ता का परिणाम है. हमारे पूर्व राष्ट्रपति के रूप में, डॉ. एपीजे. अब्दुल कलाम ने कहा था, अपने सपने सच होने से पहले आपको सपने देखना होगा. मुझे आपके रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को दूर करने की आपकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है. शिक्षा का अर्थ केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं है, बल्कि समाज की भलाई में योगदान देना भी है. शिक्षा किसी के व्यक्तित्व और वैयक्तिकता का विकास है. जब आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए महान प्रयास करते हैं तो इन शब्दों को अपने साथ रखें. राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में, मैं अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हूं. आज दुनिया हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारे देश को एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में देखती है. हमारा देश सक्रिय रूप से 2047 तक विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में पहला दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. इसके मुख्य अतिथि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन शामिल रहे. पहले दीक्षांत समारोह में 198 छात्र-छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया. जिसमें 175 गोल्ड और 25 ओवरऑल शामिल है. स्नातकोत्तर सत्र 2018-20 के 38, स्नातकोत्तर सत्र 2019-21 के 39, स्नातकोत्तर सत्र 2020-22 के 45, स्नातक सत्र 2018-21 के 36 और स्नातक सत्र 2019-22 के 40 छात्रों को गोल्ड दिया गया. चार शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधी भी दी गयी. अपनी डिग्री लेने के लिए 3873 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.

सहायक प्राध्यापक बनना है: अबुल कलाम

अबूल कलाम उर्दू में गोल्ड मेडल लिया है. वहीं मानकी में भी ये ओवर ऑल टॉपर हैं. उन्होंने कहा कि आगे सहायक प्राध्यापक बनने का सपना है. मैं बचपन से ही सहायक प्राध्यापक बनना चाहता था. आज पढ़ाई पूरी हो गई अब आगे के लिए लगना है.

सफलता का श्रेय माता-पिता और अपने गुरु को देती हूं : रूपा शर्मा

रूपा शर्मा जोग्राफी में गोल्ड और सोशल साइंस संकाय में ओवर ऑल टॉपर है. रूपा ने बताया कि अपने जीवन में मैं एक ही लक्ष्य ले कर चली हूं कि मुझे सहायक प्राध्यापक बनना है. मैं ये कभी सोच के नहीं पढ़ रहीं थी कि मैं टॉप करूंगी, बस सीखने के लिए पढ़ती थी. इसका श्रेय अपने माता-पिता और अपने गुरु को देती हूं.

अब आगे की तैयारी करनी है : संजीत

संजीत कुमार अग्रवाल मैथ में गोल्ड और साइंस संकाय में ओवर ऑल टॉपर हैं. इन्होंने कहा कि आज मैं बहुत खूश हूं. आज जो भी मिला है. उसका श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को जाता है. आगे लिए अब मेहनत करनी है.

आशीष आलोक को मिली पीएचडी की उपाधी

आशीष आलोक को राजनीतिक विज्ञान में पीएचडी की डिग्री उपाधी मिली है. उन्होंने बताया कि आज लग रहा है कि कुछ प्राप्त किया है. अपने माता पिता को और गुरुजन को इसका श्रेय देता हूं. मैं आज बहुत खूश भी हूं. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि आज का दिन एतिहासिक दिन है. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय और यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए गर्व की बात है कि आज पहला दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उदाहरण देते हुए छात्रों को मूल बातें समझायी. इसे भी पढ़ें : CM">https://lagatar.in/cm-champai-held-a-marathon-meeting-said-hemant-will-go-to-the-elections-with-the-issues-and-governments-work/">CM

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